युद्ध के खिलाफ बोलते रहेंगे पोप लियो, बोले- मैं ट्रंप से बहस नहीं चाहता
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बाद पोप लियो XIV ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में युद्ध के खिलाफ बोलना जारी रखेंगे और वह ट्रंप के साथ कोई बहस नहीं चाहते हैं। पोप ने अल्जीरिया जा रही उड़ान के दौरान रॉयटर्स से कहा कि ईसाई संदेश का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो नहीं होना चाहिए। बता दें कि ट्रंप ने पोप लियो के खिलाफ टिप्पणी की थी और कहा था कि वह उनके प्रशंसक नहीं हैं।
बयान
क्या बोले पोप?
पहले अमेरिकी पोप ने कहा, "मैं युद्ध के खिलाफ खुलकर आवाज उठाता रहूंगा, शांति को बढ़ावा देने, संवाद को बढ़ावा देने और समस्याओं के न्यायसंगत समाधान खोजने के लिए राज्यों के बीच बहुपक्षीय संबंधों को प्रोत्साहित करने का प्रयास करूंगा। आज दुनिया में बहुत से लोग दुख झेल रहे हैं। बहुत से निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। और मुझे लगता है कि किसी को तो आगे आकर यह कहना ही होगा कि इससे बेहतर रास्ता भी है।"
बयान
मैं अपनी भूमिका को राजनीतिक रूप में नहीं देखता- पोप
पोप ने आगे कहा, "चर्च का संदेश, मेरा संदेश, सुसमाचार का संदेश: शांति स्थापित करने वाले धन्य हैं। मैं अपनी भूमिका को राजनीतिक या राजनीतिज्ञ के रूप में नहीं देखता। मैं उनसे (ट्रंप से) बहस में नहीं पड़ना चाहता। मुझे नहीं लगता कि सुसमाचार के संदेश का उस तरह से दुरुपयोग किया जाना चाहिए जिस तरह से कुछ लोग कर रहे हैं।" बता दें कि पोप 4 अफ्रीकी देशों के 10 दिवसीय दौरे की शुरुआत कर रहे हैं।
टकराव
क्या है ट्रंप और पोप के बीच टकराव का मामला?
पोप लियो ने शनिवार को सेंट पीटर बेसिलिका में एक प्रार्थना सभा में ईरान में अमेरिका-इजराइल युद्ध को समाप्त करने का आग्रह किया था। उन्होंने युद्ध को उचित ठहराने के लिए धार्मिक भाषा के इस्तेमाल की निंदा की और कहा कि सर्वशक्तिमानता का भ्रम जो हमें घेरे हुए है, वह तेजी से अप्रत्याशित होता जा रहा है। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अपराध के मामले में पोप लियो कमजोर हैं, और विदेश नीति के लिए बेहद खराब हैं।