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ट्रंप ने पोप लियो की आलोचना की, खुद को 'यीशु मसीह' के रूप में दिखाया
ट्रंप ने पोप लियो की आलोचना के बाद खुद को 'यीशु मसीह' के रूप में दिखाया

ट्रंप ने पोप लियो की आलोचना की, खुद को 'यीशु मसीह' के रूप में दिखाया

लेखन गजेंद्र
Apr 13, 2026
09:26 am

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसकी निंदा शुरू हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक AI से बनी तस्वीर में खुद को 'यीशु मसीह' के रूप में दिखाया है, जिसमें वह बीमार व्यक्ति के सिर पर हाथ रखते नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने यह तस्वीर पोप लियो XIV पर तीखा हमला करने के कुछ ही मिनट बाद साझा की है।

तस्वीर

तस्वीर में क्या है?

तस्वीर में राष्ट्रपति ट्रंप सफेद रंग का वस्त्र और लाल रंग का चोंगा पहने हैं, जो अमूमन यीशु मसीह की तस्वीरों में दिखता है। वे तस्वीर में एक लेटे मरीज के सिर पर हाथ रखकर उसे ठीक करते दिख रहे हैं। कुछ अमेरिकी मीडिया मरीज को जेफरी एपस्टीन जैसा बता रहे हैं। ट्रंप के आसपास नर्सें, पूर्व सैनिक, वर्तमान सैनिक मौजूद हैं, जबकि उनके पीछे स्वर्ग का दृश्य, अमेरिका का झंडा, युद्धक विमान, चील, लिंकन मेमोरियल, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी है।

आलोचना

ट्रंप के तस्वीर पर ईशनिंदा का आरोप

डेमोक्रेटिक कमेंटेटर हैरी सिसन ने एक्स पर ट्रंप की पोस्ट साझा कर लिखा, 'ट्रंप अब खुद को यीशु मसीह के रूप में दिखाते हुए AI तस्वीर पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें वे एक युवा जेफरी एपस्टीन को ठीक करते दिख रहे हैं।' एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, 'यह घोर ईशनिंदा है।' अमेरिकी सीनेटर मार्क कैली ने इस कृत्य को बेहद घिनौना बताया और कहा कि ट्रंप बौखला गए हैं, वे खुद को बचाने के लिए हमले कर रहे हैं।

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आलोचना

ट्रंप ने की थी पोप लियो की आलोचना

ट्रंप ने यह तस्वीर पोप लियो की सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद पोस्ट की है। उन्होंने अपनी एक लंबी पोस्ट में पोप लियो को अपराध के मामले में कमजोर और विदेश नीति के लिए बहुत बुरा बताया था। उन्होंने लिखा कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो सोचे कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है, अमेरिका का वेनेज़ुएला पर हमला करना बुरा था और वह अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना करे।

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आलोचना

लियो को अमेरिकी होने की वजह से चुना गया

ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, 'लियो को अमेरिकी होने की वजह से पोप चुना गया, जिसके लिए उन्हें शुक्रगुज़ार होना चाहिए। उनका पोप बनना आश्चर्यजनक था। चर्च ने उन्हें सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि उन्हें लगा कि राष्ट्रपति ट्रंप से निपटने का यही सबसे अच्छा तरीका होगा।' ट्रंप ने लिखा कि लियो को अपनी भूमिका ठीक से निभानी चाहिए, कट्टरपंथी वामपंथियों को खुश करना बंद करना चाहिए, और महान पोप बनने पर ध्यान देना चाहिए, न कि एक राजनेता बनने पर।

बयान

पोप लियो ने क्या कहा था, जिससे भड़के ट्रंप

पोप लियो ने शनिवार शाम को सेंट पीटर बेसिलिका में एक प्रार्थना सभा में कहा था कि ईरान में अमेरिका-इजराइल युद्ध को "सर्वशक्तिमान होने का भ्रम" हवा दे रहा है। उन्होंने पहले भी कहा था कि ईश्वर "युद्ध करने वालों की प्रार्थना नहीं सुनता, बल्कि उन्हें अस्वीकार कर देता है। चाहे तुम कितनी भी प्रार्थना करो, मैं नहीं सुनूंगा - तुम्हारे हाथ खून से सने हैं।" लियो ने ट्रंप के "पूरी सभ्यता नष्ट" होने वाले बयान को 'अस्वीकार्य' बताया था।

ट्विटर पोस्ट

ट्रंप के पोस्ट की आलोचना

बयान

ट्रंप बोले- मैं पोप लियो का प्रशंसक नहीं

ट्रंप ने फ्लोरिडा से लौटने पर पोप लियो के बारे में पत्रकारों से कहा, "मुझे नहीं लगता कि वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें अपराध पसंद है...हमें ऐसा पोप पसंद नहीं, जो यह कहे कि परमाणु हथियार रखना ठीक है और कहे कि हमारे शहरों में अपराध करना ठीक है। मैं पोप लियो का बहुत बड़ा प्रशंसक नहीं हूं। वह बहुत उदारवादी हैं। वह ऐसे इंसान हैं जो अपराध रोकने में विश्वास नहीं रखते।"

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