इजरायल में प्रधानमंत्री मोदी गाजा योजना पर सहमत, कहा- मानवता संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए
क्या है खबर?
इजरायल के 2 दिवसीय दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गाजा शांति योजना पर सहमति जताई है। फिलिस्तीन में गाजा की स्थिति पर भारत के रुख के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गाजा शांति योजना के माध्यम से शांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत ने इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है।
भाषण
गाजा शांति योजना पर समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "भारत का रुख स्पष्ट है, मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। गाजा शांति योजना के माध्यम से शांति का एक मार्ग बना है। भारत ने इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है। भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।"
भाषण
आतंकवाद के खिलाफ भारत-इजरायल का रुख समान
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर कहा कि भारत और इजरायल का रवैया समान है। उन्होंने कहा, "भारत और इजरायल इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। किसी भी रूप में किसी भी अभिव्यक्ति में आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम कंथे से कंथा मिलाकर आतंकवाद और उसके समर्थकों का विरोध करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।"
संवाद
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े- मोदी
मोदी ने आगे कहा, "पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े हैं। इसलिए हमने शुरूआत से ही संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। यही वैश्विक दक्षिण और पूरी मानवता की पुकार है।" बुधवार को इजरायली संसद नेसेट में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से संदेश दिया है कि भारत शांति के पक्ष में है, साथ ही उन्होंने 7 अक्टूबर को इजरायल में हमास द्वारा किए गए नरसंहार की निंदा भी की थी।
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन
Addressing the joint press meet with PM Netanyahu.@netanyahu https://t.co/4BUYaXc8G7
— Narendra Modi (@narendramodi) February 26, 2026
समझौता
समझौते पर क्या बोले मोदी?
प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के साथ समझौते पर कहा, "तकनीक हमारी भावी साझेदारी का केंद्र है। आज हमने महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी साझेदारी स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे AI, क्वांटम और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी। इजरायल में UPI के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। डिजिटल हेल्थ में हम अपने सुझाव को साझा करेंगे। रक्षा के क्षेत्र में साझा विकास, साझा निर्माण और तकनीक ट्रांसफर में सहयोग बढ़ाएंगे।"