पाकिस्तान ने पेश की चीनी तकनीक पर आधारित फतह-3 मिसाइल, क्या है खासियत?
क्या है खबर?
पाकिस्तान ने चीनी तकनीक पर आधारित फतह-3 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का अनावरण किया है। इस मिसाइल को भारत के साथ हुए संघर्ष के एक साल पूरे होने के मौके पर जनता के सामने प्रदर्शित किया गया। पाकिस्तान इस मिसाइल को भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का जवाब के तौर पर पेश करना चाह रहा है। ये चीन की HD-1 मिसाइल का उन्नत संस्करण है,जो इस्लामाबाद-बीजिंग के बीच बढ़ते संबंधों को भी दर्शाती है।
खासियत
क्या है खासियत?
यह आवाज की गति से 2.5 से लेकर 4 गुना तक तेज रफ्तार से उड़ान भर सकती है। यह ग्लाइड करते हुए जमीन और समुद्र की सतह से सटकर उड़ सकती है, जिससे इसके दुश्मन के रडार में पकड़े जाने की संभावना कम हो जाती है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस मिसाइल का वजन लगभग 1.2 से 1.5 टन है और ये अपने साथ लगभग 250 किलोग्राम वजनी वॉरहेड ले जा सकती है।
भारत
'फतह-3' को भारत की ब्रह्मोस का जवाब क्यों माना जा रहा है?
पाकिस्तान अब तक पारंपरिक लंबी दूरी के अभियानों के लिए मुख्य रूप से धीमी गति वाली सबसोनिक क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक प्रणालियों पर निर्भर था। फतह-3 सुपरसोनिक मिसाइल है, जो गति के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि है। कम ऊंचाई पर उड़ने वाली ये मिसाइल रडार को चकमा देने में सक्षम है। इसमें कथित तौर पर ठोस ईंधन प्रणोदन प्रणाली का उपयोग इसे पुराने तरल ईंधन मिसाइल डिजाइनों की तुलना में भंडारण, संचालन और त्वरित प्रक्षेपण प्रक्रियाओं में बेहतर बनाता है।
चीन
मिसाइल के उत्पादन को लेकर अलग-अलग दावे
OSINT रिसर्चर्स ने फतह-3 मिसाइल को चीनी HD-1 मिसाइल ही बताया है, जिसका पाकिस्तान ने स्थानीय स्तर पर उत्पादन किया है। वहीं, IDRW के मुताबिक, पाकिस्तान ने 'गुआंगडोंग होंगडा ब्लास्टिंग' नाम की एक चीनी कंपनी से HD-1 नाम की रैमजेट प्रोपल्शन मिसाइल खरीदी है। पाकिस्तान का दावा है कि क्रूज क्षमता होने की वजह से ये मिसाइल जमीन से काफी नीचे उड़ान भरेगी और काफी ज्यादा स्पीड की वजह से एयर डिफेंस सिस्टम्स के लिए इसे इंटरसेप्ट करना मुश्किल होगा।
कार्यक्रम
पाकिस्तान ने कई अन्य स्वदेशी प्रणालियां भी पेश कीं
पाकिस्तान ने स्वदेशी सैन्य प्रणालियों के एक प्रदर्शन के दौरान आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) के जरिए इस मिसाइल को प्रदर्शित किया है। इस कार्यक्रम में लंबी दूरी तक मार करने वाली रॉकेट-लॉन्च खदानों, एंटी-UAV प्रणाली, लान्स IR सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और अपग्रेड की गई बख्तार शिकन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों का भी प्रदर्शन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक साथ क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों और बाहरी रक्षा हितधारकों को संबोधित करना था।