SCO सम्मेलन में पाकिस्तान ने उठाया जल संधि का मुद्दा, कहा- पानी को हथियार न बनाएं
क्या है खबर?
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया। उन्होंने राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में कहा कि पानी दक्षिण एशिया की 'जीवनरेखा' है और इसे कभी भी हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। शरीफ ने भारत का नाम लिए बगैर सिंधु जल संधि का सम्मान करने और उसे बहाल करने की मांग की।
बयान
पानी के मुद्दे पर शरीफ ने क्या कहा?
शरीफ ने कहा, "जल हमारे क्षेत्र की जीवनरेखा है। यह लाखों जिंदगियों को सहारा देता है, हमारी भूमि को पोषित करता है। इसे कभी भी हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल दबाव बनाने और राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जा सकता। हमारे साझा जलक्षेत्रों को नियंत्रित करने वाली संधियां गंभीर और बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं। ये राजनीतिक सुविधा नहीं, जिन्हें इच्छा से दरकिनार कर सकें। इनका अक्षरशः, भावना से, बिना शर्त सम्मान होना चाहिए।"
आतंकवाद
आतंकवाद के मुद्दे पर क्या बोले शरीफ?
आतंकवाद के मुद्दे पर शरीफ ने कहा, "आतंकवाद हमारे पूरे क्षेत्र के लिए सबसे गंभीर खतरा है। SCO क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना के अध्यक्ष के रूप में, पाकिस्तान ने सक्रिय रूप से काम किया है। पाकिस्तान की तरह दृढ़ता से कुछ ही देश लड़ रहे हैं। पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण-स्थिर अफगानिस्तान चाहता है।"
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई दशक में आतंकवाद से लड़ते हुए 90,000 से अधिक जान और 150 अरब डॉलर (14.24 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान सहा है।
सम्मेलन
अगले साल पाकिस्तान में होगा SCO सम्मेलन
बिश्केक के बाद 2026-27 में SCO की राष्ट्राध्यक्ष परिषद की अध्यक्षता पाकिस्तान ग्रहण करेगा। शिखर सम्मेलन का आयोजन इस्लामाबाद में किया जाएगा।
शरीफ ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान SCO सम्मेलन की अध्यक्षता संभालने के साथ ही, एक उत्कृष्ट योजना प्रस्तावित कर रहा है, जिसमें IT और AI, ऊर्जा विकास, गरीबी उन्मूलन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, संस्कृति और खेल सहित प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बता दें कि पाकिस्तान भारत समेत सभी देशों को इसके लिए निमंत्रण भेजेगा।
बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को सुनाया
शरीफ के भाषण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया। हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा, "हमें एक स्वर में कहना होगा कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड की कोई गुंजाइश नहीं है। जो देश आतंकवाद को नीतिगत साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं, आतंकवादियों को शरण और समर्थन देते हैं, उन्हें कड़ा संदेश जाना चाहिए। आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।"