इमरान खान को अस्पताल भेजने के सुप्रीम फैसले से पाकिस्तान सरकार बौखलाई, पुनर्विचार याचिका दायर
क्या है खबर?
पाकिस्तान की संघीय सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई है। उसने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दायर कर अपने आदेश की समीक्षा करने और उसे वापस लेने की मांग की है। सरकार के मुख्य आयुक्त की ओर से इस्लामाबाद के एडवोकेट जनरल नवीद हयात मलिक द्वारा दायर की गई सरकार की पुनर्विचार याचिका में अंतरिम आदेश को "भेदभावपूर्ण" बताया गया है।
आदेश
याचिका में क्या दिया तर्क?
डॉन अखबार के मुताबिक, याचिका में कहा गया कि यह आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर था, इसलिए समीक्षा योग्य है।
याचिका में आदेश में कानूनी त्रुटियां बताई गई और तर्क दिया गया कि पाकिस्तान जेल नियम (जो कैदी को अस्पताल स्थानातंरण के तरीके को नियंत्रित करता है) इमरान के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ध्यान से छूट गया।
याचिका में कहा गया, "यदि न्यायालय ने कानून के उपरोक्त नियम पर ध्यान दिया होता, तो आदेश पारित नहीं करता।"
आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया है आदेश?
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के प्रमुख इमरान को 2 दिनों में शिफा अस्पताल में भर्ती कराने और 16 सितंबर तक इलाज का निर्देश दिया है।
साथ ही, एक चिकित्सा बोर्ड गठित करने को कहा है, जो उनकी जांच और उपचार कर सके।
कोर्ट ने इमरान के उनके निजी चिकित्सक और बहन को उनकी चिकित्सा देखभाल से जुड़े रहने की अनुमति दी है।
इमरान की बहन आज 9 महीने बाद उनसे अडियाला जेल में मिली हैं।