पाकिस्तान: विरोध के बाद पेट्रोल की कीमतों में कटौती, मंत्रियों को 6 महीने नहीं मिलेगा वेतन
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने पाकिस्तान को झकझोर दिया है। हालात ये हैं कि सरकार ने अगले 6 महीने तक मंत्रियों को वेतन देने से मना कर दिया है। वहीं, 2 दिन पहले पेट्रोल 137 रुपये और डीजल 184 रुपये महंगा किया गया था। इसके विरोध में देशभर में प्रदर्शन होने लगे। हालात बिगड़ने पर सरकार ने पेट्रोल 80 रुपये सस्ता कर दिया है। अब पेट्रोल 378 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
सब्सिडी
प्रधानमंत्री ने किया सब्सिडी का ऐलान
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संकट से निपटने के लिए कई और आर्थिक उपाय लागू किए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन और मालवाहक वाहनों को भी एक महीने के लिए 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा छोटे ट्रकों को 70,000 रुपये, बड़े ट्रकों को 80,000 रुपये और सार्वजनिक परिवहन बसों को एक लाख रुपये की मासिक सब्सिडी मिलेगी।
बस
इस्लामाबाद और पंजाब में बस यात्रा हुई मुफ्त
इस्लामाबाद और पंजाब में सरकारी सार्वजनिक परिवहन अगले 30 दिनों तक मुफ्त रहेगा। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि इससे सरकार पर 35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। वहीं, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने मुफ्त बस यात्रा के साथ-साथ ट्रकों और बसों के लिए सब्सिडी का भी ऐलान किया। शरीफ ने कहा कि सरकार जनता की मदद के लिए हर संभव संसाधन बचाने की कोशिश कर रही है।
डीजल
पाकिस्तान में डीजल 520 रुपये प्रति लीटर
ईरान युद्ध से पैदा हुए संकट के बीच पाकिस्तानी सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 42 प्रतिशत और डीजल में 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद एक लीटर डीजल की कीमत 520.35 पाकिस्तानी रुपये और पेट्रोल की कीमत 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई थी। इस कदम का देशभर में विरोध हो रहा था, जिसके चलते सरकार ने पेट्रोल में कुछ राहत दी है। मार्च में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।
वजह
ईरान युद्ध से प्रभावित हुई पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति
दरअसल, भारत की ही तरह पाकिस्तान भी पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की वजह से ये आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस वजह से पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के लिए हालात और खराब हो गए हैं। कीमतों में भारी वृद्धि ने व्यापक विरोध प्रदर्शनों, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों और चल रहे आर्थिक संकट के बीच जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।