डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अमेरिका-यूरोप में 'नो किंग्स प्रदर्शन', सड़कों पर उतरे लाखों लोग
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ 'नो किंग्स प्रदर्शन' का नया दौर शुरू हो गया है। शनिवार को अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में लाखों लोगों ने रैलियां निकालकर ट्रंप की नीतियों का विरोध जताया। केवल अमेरिका में ही 3,000 से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शनकारी जुटे, जिन्हें अभिनेताओं, नेताओं और स्थानीय कलाकारों का साथ मिला। एक साल के भीतर ही ये तीसरा 'नो किंग्स प्रदर्शन' था।
अमेरिका
अमेरिका के सभी 50 राज्यों में प्रदर्शन
अमेरिका के कैलिफोर्निया, टेनेसी, ओहायो, मिनेसोटा, कैनसस, पेंसिल्वेनिया, न्यू जर्सी, डेलावेयर, फ्लोरिडा, टेक्सास, वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क, लुइसियाना समेत सभी 50 राज्यों में प्रदर्शन हुए। मिनेसोटा के सेंट पॉल में हुई रैली में राज्य के गवर्नर टिम वाल्ज, सीनेटर बर्नी सैंडर्स, अभिनेत्री जेन फोंडा और प्रतिनिधि इल्हान उमर जैसी जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। यहां पर ग्रैमी पुरस्कार विजेता गायक और गीतकार ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने 'स्ट्रीट्स ऑफ मिनियापोलिस' गीत की प्रस्तुति दी।
दायरा
आयोजकों ने कहा- ये अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन
रॉयटर्स के अनुसार, पूरे अमेरिका में 3,200 से ज्यादा विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई गई थी। एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि न्यूयॉर्क शहर से लेकर ड्रिग्स, इडाहो तक विभिन्न स्थानों पर रैलियां आयोजित की गईं। आयोजकों का अनुमान है कि जून, 2025 में हुए पहले प्रदर्शन में 50 लाख और अक्टूबर में 70 लाख लोग शामिल हुए थे। बीते दिन हुए प्रदर्शन में 90 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए।
यूरोप
यूरोप में कहां-कहां हुए प्रदर्शन?
अमेरिका के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें लंदन, पेरिस और रोम शामिल हैं। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, यूरोपीय शहरों में प्रदर्शनकारियों ने ईरान संघर्ष से जुड़ी धुर दक्षिणपंथी राजनीति और सैन्य तनाव बढ़ाने के विरोध में नारे लगाए। रोम में भी हजारों लोग प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाते हुए निकले। लंदन में युद्ध का विरोध कर रहे लोगों ने 'नस्लवाद के खिलाफ खड़े हो जाओ' जैसे नारों वाले पोस्टर लहराए।
वजह
क्यों सड़कों पर उतरे लोग?
प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से ट्रंप की आव्रजन को लेकर नीति और ईरान युद्ध का विरोध कर रहे थे। 'नो किंग्स' वेबसाइट पर बताया गया है कि प्रदर्शनकारी ICE द्वारा गिरफ्तारियां और ईरान-अमेरिका संघर्ष जैसे मुद्दों के विरोध में जुटे। इसके अलावा आर्थिक असमानता, नागरिक स्वतंत्रता और ट्रांसजेंडर अधिकारों से संबंधित मुद्दे भी प्रदर्शन की वजह थे। आयोजकों ने कहा कि ये प्रदर्शन आंशिक रूप से ईरान संघर्ष के विरोध से प्रेरित थे, जो चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।