अमेरिका में लागू हुआ नया आव्रजन नियम, भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों पर पड़ेगा सीधा असर
क्या है खबर?
अमेरिका की सरकार ने ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) की चाह रखने वाले विदेशी नागरिकों, विशेषकर भारतीय पेशेवरों के लिए शुक्रवार (18 सितंबर) से नियमों में एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने साल 2022 के 'पब्लिक चार्ज' नियमों को रद्द कर दिया है। इसकी जगह अब अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन (USCIS) को यह तय करने का अधिकार दिया है कि कौन भविष्य में अमेरिकी सरकार पर आर्थिक रूप से बोझ बन सकता है।
नियम
पुराने आवेदनों पर लागू नहीं होगा नया नियम
यह नया नियम 18 सितंबर या उसके बाद किए जाने वाले फॉर्म I-485, स्थायी निवास पंजीकरण या स्थिति समायोजन के लिए आवेदन पर लागू होगा।
इससे पहले दाखिल किए गए और लंबित आवेदनों पर पूर्व नियम लागू होगा।
फेडरल रजिस्टर में स्पष्ट किया है कि 18 सितंबर से पहले प्राप्त आय-आधारित सार्वजनिक लाभों को 2022 के नियम के अनुरूप माना जाएगा। नए आवेदनों पर ही नया नियम लागू किया जाएगा।
कारक
नए 'पब्लिक चार्ज' नियम के तहत जांचे जाएंगे ये 5 प्रमुख कारक
नए ढांचे के तहत कोई निश्चित वेतन या आय की सीमा तय नहीं की गई है, जिसके नीचे आने पर आवेदन खारिज हो जाए।
इसके बजाय, USCIS के अधिकारी अब आवेदक की समग्र परिस्थितियों का आकलन करने के लिए 5 कानूनी कारकों को एक साथ मिलाकर देखेंग।
इनमें आवेदक की उम्र, स्वास्थ्य की स्थिति, पारिवारिक स्थिति, संपत्ति, संसाधन और वित्तीय स्थिति, शिक्षा का स्तर और कौशल शामिल होगा। उसके बाद ही उनके आवेदनों पर निर्णय होगा।
दायरा
सरकारी लाभों की व्यापक श्रेणी पर किया जा सकता है विचार
पहले के नियमों में सरकार केवल नकद सहायता या दीर्घकालिक संस्थागत देखभाल पर ध्यान देती थी, लेकिन नए नियम में बदलाव किए गए हैं।
अब किसी आवेदक के नकद सहायता, आवास सहायता, खाद्य सहायता और सरकार द्वारा वित्त पोषित कुछ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया है, तो उन्हें भी मामलों के हिसाब से जांच के दायरे में शामिल किया जा सकता है।
अधिकारी पूरे मामले की समग्रता को देखकर ही आवेदन पर अंतिम फैसला लेंगे।
ध्यान
भारतीय H-1B श्रमिकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
यह बदलाव विशेष रूप से भारतीय प्रौद्योगिकी पेशेवरों और अन्य कुशल कामगारों के लिए प्रासंगिक है जो अस्थायी अमेरिकी आप्रवासन स्थिति से स्थायी निवास में परिवर्तित हो रहे हैं।
इनमें EB-1 में शामिल प्राथमिकता वाले कर्मचारी, EB-2 में शामिल उन्नत डिग्री वाले पेशेवर, EB-3 में शामिल कुशल कर्मचारी और पेशेवर, कुछ अन्य कर्मचारी, निवेशक और कुछ धार्मिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
हालांकि, बोझ माने जाने के लिए आवेदक की ग्रीन कार्ड श्रेणी और व्यक्तिगत परिस्थितियां मायने रखेंगी।
सख्ती
पारिवारिक ग्रीन कार्ड धारकों पर लागू होगा नया नियम
अमेरिकी नागरिकों के विदेशी जीवनसाथी, माता-पिता या बच्चों के पारिवारिक-स्पॉन्सरशिप वाले आवेदनों पर भी नया पब्लिक चार्ज टेस्ट लागू होगा।
हालांकि, शरणार्थियों, एसिली, मानव तस्करी के पीड़ितों और कुछ विशेष श्रेणियों को इस पब्लिक चार्ज नियम से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
जांच के बाद USCIS को लगेगा कि कोई आवेदक केवल 'पब्लिक चार्ज' होने के आधार पर अयोग्य हो रहा है, तो एजेंसी खुद उसे पब्लिक चार्ज बॉन्ड (फॉर्म I-945) भरने का आमंत्रण देगी।
समर्थन
समर्थन का शपथ पत्र
जहां लागू हो, USCIS फॉर्म I-864, समर्थन शपथ पत्र पर विचार कर सकता है। यह फॉर्म प्रायोजक से वित्तीय प्रतिबद्धता प्रदान करने के लिए है, जहां इसकी आवश्यकता होती है।
हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि आवेदक की परिस्थितियों के अन्य सभी पहलू अप्रासंगिक हो जाते हैं।
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, USCIS सार्वजनिक प्रभार निर्धारण करते समय व्यापक साक्ष्यों के साथ-साथ हलफनामे पर भी विचार कर सकता है। ऐसे में थोड़ी राहत मिल सकती है।
मायने
भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए क्या है इसके मायने?
नए नियम के तहत ग्रीन कार्ड के भारतीय आवेदकों की वित्तीय और व्यक्तिगत स्थिति की जांच अब अधिक व्यापक होगी।
स्थिर वित्तीय स्थिति वाले पेशेवरों के लिए आकलन योग्यता के आधार पर होगा, जबकि जटिल मामलों में जांच का दायरा बढ़ गया है।
इस नीति के खिलाफ कानूनी चुनौतियां भी सामने आई हैं, लेकिन वर्तमान में यह नियम प्रभावी है।
विस्तृत जानकारी के लिए आप संबंधित आधिकारिक स्रोतों का अवलोकन कर सकते हैं।