नेपाल में बाढ़ से अब तक 469 की मौत; 30 देशों के 1,468 लापता, चेतावनी जारी
क्या है खबर?
नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को यह संख्या 469 हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल और चीन सीमा पर आए भयानक जल प्रलय में अभी भी 1,468 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि 30 देशों के नागरिकों से कोई संपर्क नहीं हो रहा है, जिसमें 290 नागरिक भारतीय हैं। बचाव और राहत कार्य जारी है।
बाढ़
चारों तरफ मलबा और कीचड़, बस यात्रा स्थगित
बाढ़ के बाद तिब्बत सीमा से लगे इलाके में कीचड़ और मलबा चारों तरफ दिख रहा है।
रसुवा और नुवाकोट में पूरी बस्तियां कीचड़ और मलबे की मोटी परतों के नीचे दब गईं। पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त दिख रही हैं। कई गांव गायब हो गए हैं।
बाढ़ के कारण सड़क मार्ग बाधित होने से दिल्ली-काठमांडू बस सेवाएं भी निलंबित हैं। दिल्ली परिवहन निगम ने 28 और 29 अगस्त को दोनों तरफ यात्रा को स्थगित कर दिया है।
बचाव
सबसे अधिक शव चितवन से बरामद
नेपाल में 910 और तिब्बत में 558 लोग लापता हैं। दोनों ओर लापता लोगों की कुल संख्या 1,468 है।
नेपाल पुलिस ने बताया कि सबसे अधिक शव 137 चितवन से बरामद किए गए हैं। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, तनहुन और नवलपरासी से भी शव बरामद हो रहे हैं।
अभी जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में कार्यरत 160 लोग, 44 नेपाली सेना के जवान, 28 नेपाल पुलिस के जवान और 13 सशस्त्र पुलिस बल के जवान लापता हैं।
बचाव
जल विद्युत प्रोजेक्ट स्थल से बचाए गए 63 भारतीय
नेपाली अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट साइट से 63 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। सभी को काठमांडू पहुंचाया गया।
प्रभावित क्षेत्रों से हेलीकॉप्टरों द्वारा 50 विदेशियों सहित 796 लोगों को बचाया गया, जबकि अन्य 796 लोगों को सड़क मार्ग से निकाला गया। इसमें रसुवा में 27 विदेशी पर्यटकों को बचाया, जिनमें 11 भारतीय शामिल थे।
नेपाली सुरक्षाकर्मियों ने प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
आकलन
नेपाल और चीन में विनाश का आकलन जारी
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह ने गुरुवार को नुवाकोट के बिदुर नगरपालिका का दौरा कर अचानक आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा किया और बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया।
नेपाल के विदेश मंत्री शिसिर खनाल ने अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के शीर्ष अधिकारियों से भी टेलीफोन पर बातचीत की।
अभी दोनों तरफ विनाश का आकलन किया जा रहा है।
मदद
भारत से भेजी गई मदद
भारत ने नेपाल में राहत कार्य के बीच मानवीय सहायता बढ़ा दी है।
बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजने के बाद, गुरुवार को एक सैन्य परिवहन विमान में 37.5 टन और सामग्री भेजी गई, जिससे कुल सामग्री 47.5 टन हो गई।
भारत ने अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप, दवाएं और खाद्य पैकेट भेजे हैं।
भारत ने पड़ोसी देश नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आपदा से निपटने का वादा किया है।
चेतावनी
चीन ने दी है नई बाढ़ की चेतावनी
नेपाल और चीन सीमा पर अभी बाढ़ का खतरा कम नहीं हुआ है।
चीन ने गुरुवार को नेपाल को चेतावनी दी कि ऊपरी हिस्से में बनी एक नई अवरोधक झील 3 दिनों के भीतर टूट सकती है, जिससे निचले हिस्से में पानी का सैलाब आ सकता है।
काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, यह झील नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। झील पहले से ही ओवरफ्लो है। इस पर चीन कड़ी नजर रखे है।