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नेपाल बाढ़: 579 की मौत, 2,500 लापता; भारत-चीन से बचाव दल को आने की अनुमति मिली
नेपाल बाढ़ में हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है

नेपाल बाढ़: 579 की मौत, 2,500 लापता; भारत-चीन से बचाव दल को आने की अनुमति मिली

लेखन आबिद खान
Aug 29, 2026
09:19 am

क्या है खबर?

नेपाल बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 579 हो गया है। वहीं, लापता लोगों की संख्या भी 2,500 के करीब पहुंच गई है। नेपाल में अभी भी 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा करीब 400 भारतीय तिब्बत में फंसे हुए हैं। इस बीच नेपाल सरकार ने विदेशी बचाव दलों को आने की अनुमति दे दी है। यह कदम उन देशों के राजनयिक दबाव के बाद उठाया गया है, जिनके नागरिक लापता हैं।

बचाव दल

नेपाल ने सीमित क्षेत्र में बचाव दलों को आने की अनुमति दी

नेपाल सरकार ने सुरंग बचाव, DNA परीक्षण और फोरेंसिक जांच सहित विशेष क्षेत्रों में सीमित अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने का फैसला किया है।

एक अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट से कहा, "हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारी दबाव मिला कि कम से कम खोज और बचाव दल और कुछ विशेषज्ञों को अनुमति दी जाए क्योंकि उनके नागरिक भी बाढ़ में लापता हो गए हैं। हम कुछ क्षेत्रों में सीमित संख्या में विशेषज्ञों को अनुमति दे रहे हैं।"

भारत

बेली पुल उपलब्ध कराएगा भारत

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बीते दिन अपने नेपाली समकक्ष शिसिर खनाल से बात की और बचाव और राहत कार्यों के लिए भारत के समर्थन की पेशकश की।

जयशंकर ने कहा कि भारत बचाव कार्यों में सहायता के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भेज रहा है और बेली पुल भी उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा, "हम विशेषज्ञों की मदद के लिए एक टीम भेज रहे हैं। उन्हें कुछ बेली पुलों की भी जरूरत है, इसलिए हम पुल भेज रहे हैं।"

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सामग्री

भारत ने 62 टन राहत सामग्री भेजी

भारत ने 62 टन मानवीय सहायता नेपाल भेजी है।

पहली उड़ान में भारतीय वायुसेना के C-130J विमान ने 10 टन अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाइयां पहुंचाईं। दूसरी उड़ान में C-17 विमान ने 37.5 टन सामग्री पहुंचाई, जिसमें 28.5 टन राहत सामग्री जैसे तंबू, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप, जल निकासी पंप, रसोई उपकरण और जनरेटर सेट, 8 टन दवाइयां और एक टन खाद्य पदार्थ शामिल थे।

बीते दिन 10 टन और राहत सामग्री भेजी गई।

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त्रिशूली

त्रिशूली परियोजना में लगे श्रमिकों का कोई अता-पता नहीं

नदी-आधारित जलविद्युत परियोजना ऊपरी त्रिशुली-1 में काम कर रहे 576 श्रमिक लापता हैं। आपदा के समय परियोजना में लगभग 1,350 लोग काम कर रहे थे।

नेपाल स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ (IPPAN) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तम भ्लोम ने कहा, "576 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। अउनमें से कुछ सुरंगों के अंदर फंसे हुए हैं और समय रहते उन तक पहुंचा जा सके, तो उन्हें बचाने की संभावना है।"

झील

भूस्खलन से बनी 2 झीलों के टूटने का खतरा

नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाके में भूस्खलन के चलते एक और झील बन गई है। इससे इलाके में फिर बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।

रॉयटर्स के मुताबिक, एक झील से पानी बह रहा है, जबकि दूसरी झील में लगातार पानी बढ़ रहा है और उसका आकार बड़ा होता जा रहा है। दोनों झीलें नेपाल-चीन सीमा के पास उस इलाके में बनी हैं, जहां बुधवार को भीषण बाढ़ आई थी।

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