Loading...
आर प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने
प्रगनानंद ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

आर प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

लेखन Manoj Panchal
Aug 28, 2026
11:00 am

क्या है खबर?

आर प्रगनानंद ने गुरुवार को इतिहास रचते हुए ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बनने की उपलब्धि हासिल की है। ग्रैंडमास्टर प्रगनानंद ने फाइनल में मौजूदा चैंपियन फैबियानो कारुआना के खिलाफ शानदार वापसी की। क्लासिकल गेम्स के बाद प्रगनानंद 3-9 से पीछे थे और उन्हें 6 अंकों की कमी पूरी करनी थी। सेंट लुइस में उन्होंने दोनों रैपिड गेम जीतकर स्कोर 11-9 किया और मुकाबले में वापसी की।

मुकाबला

रैपिड में दो जीत से बदला मुकाबला

कारुआना ने पहले ब्लिट्ज गेम में ड्रॉ के बाद दूसरे ब्लिट्ज गेम में जीत दर्ज करके स्कोर 12-12 कर दिया था। इसके बाद प्रगनानंद ने तीसरे ब्लिट्ज गेम में जीत हासिल कर फिर बढ़त बना ली।

अंतिम मुकाबले में उन्हें केवल ड्रॉ की जरूरत थी। जीत की स्थिति में होने के बावजूद उन्होंने 3 बार एक जैसी स्थिति दोहराकर जरूरी ड्रॉ हासिल किया।

6 मुकाबलों में प्रगनानंद ने 3 जीत दर्ज कीं, 2 ड्रॉ खेले और 1 मैच गंवाया।

प्रदर्शन

2026 में लगातार शानदार प्रदर्शन जारी 

ग्रैंड चेस टूर की जीत प्रगनानंद के 2026 अभियान की एक और बड़ी उपलब्धि है।

साल की शुरुआत में 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। इसके बाद उन्होंने नॉर्वे चेस का खिताब जीता, जहां उन्होंने मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया।

इसके बाद प्रगनानंद ने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज टूर्नामेंट जीता और सिनकफील्ड कप में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।

ADVERTISEMENT

बयान 

ग्रैंड चेस टूर को बताया बड़ी उपलब्धि

प्रगनानंद ने ग्रैंड चेस टूर की जीत को अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल बताया।

उन्होंने कहा, "कैंडिडेट्स जीतना अच्छा होता, लेकिन इस तरह का टूर्नामेंट जीतना भी बड़ी उपलब्धि है। ऐसे आयोजन में शीर्ष पर पहुंचने के लिए काफी जज्बा दिखाना पड़ता है और मैं खुश हूं कि मैंने अंत तक संघर्ष किया।"

उन्होंने कहा कि परंपरा और प्रतिष्ठा को देखते हुए विश्व चैंपियनशिप के बाद ग्रैंड चेस टूर उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण खिताबों में से एक है।

ADVERTISEMENT

इनाम 

2 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिली

ग्रैंड चेस टूर जीतने के बाद प्रगनानंद को 2 लाख डॉलर (करीब 1.9 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि मिली और 2027 टूर में उनकी जगह भी पक्की हो गई।

सेंट लुइस में जीत और सिनकफील्ड कप में मजबूत प्रदर्शन के बाद 2026 सर्किट में उनकी कुल पुरस्कार राशि 4,04,354 डॉलर (करीब 4 करोड़ रुपये) हो गई है।

यह खिताब उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

ADVERTISEMENT