नेपाल में बाढ़ से 40,800 करोड़ नेपाली रुपये का हुआ नुकसान, इतने रुपये से होगी भरपाई
क्या है खबर?
नेपाल और तिब्बत सीमा पर पिछले दिनों आई विनाशकारी बाढ़ से नेपाल को 40,800 करोड़ नेपाली रुपये (25,500 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। यह अनुमान राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने लगाया है। कांतिपुर के मुताबिक, विधि, न्याय और मानवाधिकार समिति की बैठक में प्राधिकरण के कार्यकारी प्रमुख धर्मराज उप्रेती ने बताया कि इस नुकसान की भरपाई के लिए 72,300 करोड़ नेपाली रुपये की आवश्यकता है। इस पैसे से नेपाल में पुनर्निर्माण और पुनर्वास का काम होगा।
नुकसान
15 दिन में तैयार की गई रिपोर्ट
उप्रेती ने बताया कि बाढ़ के तुरंत बाद 14 सदस्यीय तकनीकी दल ने ड्रोन की सहायता से नुकसान का विस्तृत ब्यौरा जुटाया है।
दल ने 15 दिनों में त्वरित क्षति एवं आवश्यकता आकलन (RDNA) रिपोर्ट तैयार की, जिसमें कृषि, वानिकी, मत्स्य पालन, पशुधन, सड़कें, पुल, विद्यालय, पेयजल आदि विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का क्षेत्रवार विवरण और पुनर्वास के लिए आवश्यक राशि शामिल है।
यही रिपोर्ट विकास साझेदारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मिलने वाली सहायता का आधार है।
मदद
स्थानीय निकायों को भेजे गए 13.5 करोड़ रुपये
उप्रेति ने बताया कि बाढ़ के पहले दिन प्रधानमंत्री आपदा कोष से प्रभावित स्थानीय निकायों को 13.5 करोड़ रुपये भेजे गए। इनमें से एक करोड़ रुपये 2-2 जिलों को भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि गलछी-देवीघाट-धुंगे-त्रिशुली खंड पर यातायात बहाल है और बिदुर-बेत्रावती खंड के 9.2 किलोमीटर का हिस्सा खोल दिया गया है।
देवीघाट, इंद्रनीचौड़ और स्याफरूबेसी में 3 सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण हो चुका है, 5 पुलों की मरम्मत चल रही है। कई अन्य की निर्माण प्रक्रिया जारी है।
बाढ़
अब तक 1,451 लोगों की मौत
नेपाल की भोटेकोशी-त्रिशुली नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक मरने वालों की संख्या 1,451 हो गई है। रविवार शाम 7 बजे तक 1,410 शव बरामद किए गए हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि सबसे अधिक शव चितवन में 367 और नवलपरासी पूर्व में 232 बरामद किए गए हैं। अब तक 1,286 शवों का DNA परीक्षण हुआ है।
बाढ़ में 5,786 लोग लापता हैं और 13,784 लोगों को बचाया गया है।