
अमेरिका: हत्यारोपी ने महिला का दिल निकाला, मारने से पहले दूसरे लोगों को भी परोसा
क्या है खबर?
अमेरिका में तीन लोगों की हत्या के आरोपी शख्स ने एक मृतक महिला का दिल निकालकर मारने से पहले दूसरे लोगों को परोसा था।
इस दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी बुधवार को सामने आई।
ओकलाहोमा के रहने वाले इस आरोपी का नाम लॉरेंस पॉल एंडरसन है। वह पहले से ही ड्रग के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है।
आरोपी पर हत्या के तीन, हमले और हमले की तैयारी का एक-एक मामला चल रहा है।
घटना
पड़ोसी महिला की हत्या के बाद उसका दिल निकाला
SCMP की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में जेल से बाहर आए एंडरसन पर तीन हत्याओं का मामला चल रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि उसने कथित तौर पर अपनी पड़ोसी महिला का कत्ल किया और उसका दिल बाहर निकाल लिया। उसके बाद वह इस दिल को अपने अंकल के घर लाया और इसे आलू के साथ पकाने लगा।
बताया जा रहा है कि बाद में उसने इसे अपने अंकल और आंटी को खिलाने का प्रयास भी किया था।
बयान
"परिवार को 'राक्षसों से मुक्त' कराना चाहता था आरोपी"
अपने अंकल और आंटी को मानव अंग खिलाने की कोशिश के बाद उसने उन दोनों पर हमला कर दिया। इसमें उसके अंकल की मौत हो गई और आंटी घायल हो गई। उसकी हैवानियत यहीं नहीं थमी और उसने दंपत्ति की चार वर्षीय पोती की भी हत्या कर दी।
एक अधिकारी ने बताया कि उसने अपने परिवार को 'राक्षसों से मुक्त कराने के लिए' दिल को आलू के साथ पकाया था। वह इसे अपने परिवार को खिलाना चाहता था।
कबूलनामा
आरोपी ने अदालत में रोते हुए कबूल किया गुनाह
रिपोर्ट के अनुसार, मामले में गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को एंडरसन ने अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
अदालत में रोते हुए उसने कहा कि उसे न तो इस मामले में ट्रायल चाहिए और न ही उसे जमानत की जरूरत है।
वहीं उसके वकील ने कहा कि वो एंडरसन की दिमागी हालत की जांच कराएंगे। इसके बाद पता चलेगा कि वो मुकदमे का सामना करने के योग्य है या नहीं।
जानकारी
ड्रग मामले में मिली सजा की गई थी कम
एंडरसन को 2017 में एक ड्रग मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में ओकलहोमा के गवर्नर ने उसकी सजा को 20 साल से घटाकर नौ साल कर दिया था।
हालांकि, तीन साल से थोड़ी ज्यादा सजा काटने के बाद एंडरसन को जेल से रिहा कर दिया गया था।
इस घटना के बाद गवर्नर के सजा कम करने के फैसले की आलोचना हो रही है। अभी तक उनकी तरफ से मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।