यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों में मुठभेड़, 81 की मौत
क्या है खबर?
यमन के हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच हुई झड़पों में बीते 2 दिन में 81 लोगों की मौत हो गई है। ये झड़प तब हुई, जब हालिया समय में हूती विद्रोही लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के क्षेत्र पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। 3 सितंबर को हूतियों ने तटीय क्षेत्रों के पास रॉकेट और ड्रोन हमलों के साथ-साथ जमीनी हमला भी शुरू कर दिया।
हमले
कल से जारी है झड़प
टाइम्स ऑफ इजरायल ने विद्रोही गुट के कब्जे वाले इलाकों में मौजूद 2 सैन्य अधिकारियों और मेडिकल सूत्रों के हवाले से बताया कि कल से जारी झड़पों में 81 लड़ाके मारे गए हैं।
लाल सागर तट पर तैनात एक सैन्य अधिकारी ने अपने 24 सैनिकों के मारे जाने की सूचना दी है, जबकि एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उसके इलाके में 15 सैनिक मारे गए हैं।
वहीं, हूतियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में 42 लड़ाके भी मारे गए हैं।
वजह
क्यों छिड़ा संघर्ष?
यमन सरकार के सूत्रों ने AFP को बताया कि हूती विद्रोही बंदरगाह शहर मोखा को सरकारी क्षेत्रों से अलग करने और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से सटे क्षेत्रों की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
हूतियों ने लाल सागर के पास सरकार के नियंत्रण वाले क्षेत्रों, तटीय शहर खोखा और अंतर्देशीय तैज शहर पर नजर रखने वाली ऊंची चौकियों पर कब्जा कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वे जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं।