G-7 शिखर सम्मेलन: नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप समेत इन द्विपक्षीय बैठकों पर रहेंगी दुनियाभर की नजरें
क्या है खबर?
फ्रांस के एवियन में 15 से 17 जून तक G-7 शिखर सम्मेलन हो रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इस 52वें सम्मेलन में व्यापार, वैश्विक आर्थिक स्थिरता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिज सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की समेत कई बड़े नेता भी शामिल होंगे। आइए जानते हैं किन द्विपक्षीय बैठकों पर नजरें रहेंगी।
मोदी ट्रंप
मोदी और ट्रंप के बीच होगी बैठक
सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 17 जून को द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता आखिरी बार फरवरी, 2025 में मिले थे। इस दौरान व्यापार, टैरिफ और तकनीकी गठबंधनों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ये मुलाकात ऐसे वक्त हो रही है, जब ओमान की खाड़ी के नजदीक अमेरिकी हमलों में भारतीय नाविक मारे गए हैं। इसे लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर है और उस पर चुप रहने के आरोप लग रहे हैं।
ट्रंप मैक्रों
मैक्रों से भी मिलेंगे ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी द्विपक्षीय बैठक करेंगे। मैक्रों बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं और दुनिया की सबसे गंभीर भू-राजनीतिक, वित्तीय और ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों का समन्वित तरीके से समाधान करना चाहते हैं। हालांकि, ट्रंप की पारंपरिक बहुपक्षीय ढांचों के प्रति नापसंदगी जगजाहिर है। यह मुलाकात मैक्रों के लिए एक चुनौती होगी कि वे ट्रंप के सामने अपनी बात कितनी मजबूती से रख पाते हैं।
पश्चिम एशिया
ट्रंप और खाड़ी देशों के नेताओं के बीच मुलाकात
ट्रंप कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और मिस्र के राष्ट्र प्रमुखों से भी मुलाकात करेंगे। पश्चिम एशिया में जारी तनाव इन बैठकों की चर्चा का मुख्य विषय रहेगा। ईरान से शांति समझौते के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर करना और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करना प्रमुख चर्चा के बिंदु होंगे। ट्रंप जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक नहीं करेंगे, लेकिन अलग से अनौपचारिक चर्चा हो सकती है।
कनाडा
कनाडा के प्रधानमंत्री संग नहीं होगी ट्रंप की बैठक
ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका और कनाडा के रिश्ते बेहद खराब हुए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सम्मेलन में शामिल होंगे, लेकिन उनकी अभी तक ट्रंप से मुलाकात की कोई योजना नहीं है। कार्नी बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्था की वकालत कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था, "महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता से भरी दुनिया में बीच के देशों के पास 2 विकल्प हैं- या तो एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करें या फिर तीसरा प्रभावशाली रास्ता बनाने के लिए एकजुट हों।"