कतर के सबसे बड़े LNG संयंत्र में हुए विस्फोट में कई भारतीयों समेत 13 की मौत
क्या है खबर?
कतर के रास लाफान तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) संयंत्र में रविवार शाम को हुए भीषण विस्फोट के अब मृतकों और घायलों की संख्या सामने आ गई है। इस हादसे में कई भारतीय नागरिकों समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 अन्य घायल हैं। घायलों को अस्पताल में उपचार जारी है। यह विस्फोट तब हुआ था जब कर्मचारी इस साल की शुरुआत में ईरानी मिसाइल हमले से बाधित हुए कार्यों को फिर से शुरू कर रहे थे।
हादसा
LNG संयंत्र में कैसे हुआ विस्फोट?
कतर के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि रास लाफान कतर का सबसे बड़ा LNG संयंत्र है। यह LNG का मुख्य निर्यात टर्मिनल का केंद्र है। अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध के दौरान ईरान ने इसे निशाना बनाया था। हमले के बाद भारी नुकसान के कारण इसे कई हफ्तों तक बंद कर दिया गया था। गैस संयंत्र के कर्मचारी कई हफ्तों से बंद संयंत्र का परिचालन फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे थे। तभी भीषण विस्फोट हो गया।
दुर्घटना
अधिकारियों ने हादसे को बताया तकनीकी दुर्घटना
कतर के अधिकारियों ने इस घटना को बरजान स्थानीय गैस आपूर्ति सुविधा में हुई एक तकनीकी दुर्घटना करार दिया है, जो विशाल रास लाफान औद्योगिक शहर का हिस्सा है। कतर के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है और 66 अन्य घायल हैं। अधिकारियों ने मृतकों की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया। हालांकि, दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि कई भारतीय घायल हुए हैं और कुछ लापता हैं।
प्रक्रिया
LNG उत्पादन को दोबारा शुरू करना है एक जटिल प्रक्रिया
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि LNG उत्पादन को दोबारा शुरू करना एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें थर्मल शॉक से बचने के लिए उपकरणों को धीरे-धीरे ठंडा करना आवश्यक है। LNG ट्रेनों को एक साथ नहीं, बल्कि क्रमिक रूप से दोबारा चालू किया जाना चाहिए। बता दें कि इस संयंत्र की इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.7 करोड़ मीट्रिक टन है। ईरानी मिसाइल हमलों के बाद कतर की LNG निर्यात क्षमता में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आ गई थी।
हमला
ईरान ने कब किया था संयंत्र पर हमला?
इजरायली हमले के खिलाफ ईरान ने कतर के रास लाफान गैस संयंत्र पर 19 मार्च को हमला किया था। हालांकि, तब यहां कोई हताहत नहीं हुआ था, लेकिन संयंत्र को नुकसान पहुंचा था। यह संयंत्र दोहा से 80 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह दुनिया की सबसे बड़ी LNG उत्पादन सुविधा है। यह वैश्विक LNG आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत उत्पादन करता है। भारत करीब 47 प्रतिशत गैस कतर से ही आयात करता है।