इजरायल के एग्जिट पोल में बेंजामिन नेतन्याहू को झटका, किसी को बहुमत नहीं
क्या है खबर?
इजरायल के संसदीय चुनाव के लिए मतदान खत्म हो चुके हैं और अब वोटों की गिनती का क्रम शुरू होगा, जिसके परिणाम 4 नवंबर को घोषित होंगे। चुनाव परिणाम से पहले सामने आए एग्जिट पोल में चौंकाना वाला दावा सामने आया है। मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। एग्जिट पोल में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में सरकार बनाने की राह आसान नहीं है।
चुनाव
एग्जिट पोल में किस पार्टी को कितने मिले वोट?
इजरायली संसद (नेसेट) की 120 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में बहुमत के लिए 61 सीटें चाहिए, लेकिन किसी पार्टी के पास बहुमत नहीं।
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 27 सीटों के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद पूर्व सेना प्रमुख आइजनकोट की याशर पार्टी के पास 22 सीटें हैं।
नेतन्याहू गठबंधन और आइजनकोट के विपक्षी गठबंधन को 51-51 सीटें मिलती दिख रही हैं।
सबकी नजरें अरब पार्टियों जॉइंट लिस्ट और राम पर है, जो 19 सीटें जीत सकते हैं।
गठबंधन
सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी अरब पार्टियां
एग्जिट पोल के मुताबिक, नेतन्याहू के अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स और कट्टर दक्षिणपंथी गठबंधन ने अपना बहुमत खो दिया है। उनके पास नेसेट में 68 सीटें थीं, जो अब 51 पर आ गई हैं। हालांकि, लिकुड पार्टी अभी भी बड़ी पार्टी बनी हुई है।
नई सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियां जॉइंट लिस्ट और राम अहम भूमिका निभा सकते हैं। जॉइंट लिस्ट को 12 और राम को 7 सीटें मिलती दिख रही हैं।
हालांकि, परिणाम के बाद तस्वीर साफ होगी।
बयान
अरब पार्टियों के साथ काम करने से नेतन्याहू का इनकार
नेतन्याहू ने एग्जिट पोल के परिणाम सामने आने के बाद साफ कर दिया है कि वे अरब पार्टियों के साथ काम नहीं करेंगे।
उन्होंने येरुशलम में कहा कि सीटों में नुकसान के बावजूद उनके गुट को जायोनी और यहूदी जनता के बीच निर्णायक बहुमत का समर्थन हासिल है।
उन्होंने अरब पार्टियों को 'जायोनी-विरोधी' बताया और सरकार बनाने के लिए उनके साथ काम करने के विचार को खारिज कर दिया।
उन्होंने एक मजबूत दक्षिणपंथी सरकार की मांग की है।
जानकारी
कुल 57 लाख लोगों ने वोट डाला
इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, देश में लगभग 73 लाख पंजीकृत मतदाता में से 57 लाख लोगों ने ही अपने वोट डाले हैं। यहां बैलेट पेपर से चुनाव हुए हैं। देश में 77.7 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो 1999 के बाद सबसे अधिक है।
परिणाम
चुनाव परिणाम के बाद क्या होगा?
परिणाम के बाद पार्टियां गठबंधन करके बहुमत की 61 सीटें पूरी करेंगे और प्रधानमंत्री के लिए अपनी पसंद के नाम की सिफारिश राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को करेगी, जो एक व्यक्ति को चुनेंगे।
अगर आइजनकोट के साथ अन्य पार्टियां आती हैं तो उनके पास नेसेट में बहुमत जुटाने के लिए 4-6 हफ़्ते होंगे।
असफल साबित होने पर नेतन्याहू कोशिश करेंगे। दोनों के बहुमत न जुटा पाने और नेसेट को कोई तीसरा उम्मीदवार न मिलने पर दोबारा चुनाव होगा।