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क्या खत्म होने वाला है अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध? नेतन्याहू के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दिया अहम संकेत
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्ध की समाप्ति के संकेत दिए हैं

क्या खत्म होने वाला है अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध? नेतन्याहू के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दिया अहम संकेत

Mar 21, 2026
09:42 am

क्या है खबर?

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध 22वें दिन में पहुंच गया है। अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान भी लगातार हमले कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह ईरान के खिलाफ 3 सप्ताह से चल रहे सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर रहे हैं। अमेरिका इस युद्ध में अपने तय किए गए लक्ष्यों के काफी करीब पहुंच चुका है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा है।

पोस्ट

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'ईरान के आतंकी शासन को लेकर अमेरिका अपने व्यापक सैन्य प्रयासों को समाप्त करने पर विचार कर रहा है और वह अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बेहद करीब है।' उन्होंने आगे लिखा, 'अमेरिका का लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्चर्स को पूरी तरह नष्ट करना, उसके रक्षा औद्योगिक आधार को तबाह करना, उसकी नौसेना और वायुसेना को खत्म करना और ईरान को कभी भी परमाणु क्षमता के करीब न पहुंचने देना है।'

लक्ष्य

ट्रंप ने गिनाए युद्ध में अमेरिका के लक्ष्य

ट्रंप ने बताया कि युद्ध में अमेरिका के लक्ष्यों में ईरानी मिसाइल क्षमता, लॉन्चर और उनसे संबंधित हर चीज को पूरी तरह से नष्ट करना, ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार और ईरान की नौसेना और वायुसेना के साथ विमानरोधी हथियारों को समाप्‍त करना है। इसी तरह ईरान को परमाणु क्षमता के करीब न पहुंचने देना, इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत समेत अपने मध्य-पूर्वी सहयोगियों की सर्वोच्च स्तर पर सुरक्षा करना भी अमेरिका का लक्ष्य है।

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संदेश

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या बोले ट्रंप

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा संदेश देते हुए लिखा, 'इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा और निगरानी उन सभी देशों को करनी चाहिए, जो इसका इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अमेरिका स्वयं इसका उपयोग नहीं करता है।' इस बयान से साफ है कि उन्होंने होर्मूज जलडमरूमध्य से आयात-निर्यात करने वाले सभी देशों से ईरान के खिलाफ खड़ा होने और उस पर दबाव बनाने का आह्वान किया है। हालांकि, यह अभी संभव नहीं दिख रहा।

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इनकार

ट्रंप ने युद्ध विराम से किया इनकार

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने युद्धविराम की संभावना से इनकार करते हुए कहा, "देखिए, हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मैं युद्धविराम नहीं चाहता। आप जानते हैं, जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हों तो युद्धविराम नहीं किया जाता है।" उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता पाने के लिए बहुत मदद की जरूरत है। अगर चीन और जापान जैसे देश इसमें शामिल हों तो अच्छा होगा।"

मायने

ट्रंप के बयान के क्या है मायने?

ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका इन देशों की मदद करेगा, लेकिन ईरान का खतरा खत्म होने के बाद इसकी आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, यह इन देशों के लिए एक आसान सैन्य अभियान होगा। ट्रंप के इस बयान ने संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका मध्य-पूर्व में लंबे सैन्य टकराव से बाहर निकलने की दिशा में रणनीतिक कदम उठा सकता है। ऐसे में जल्द ही यह युद्ध शांत हो सकता है।

संकेत

नेतन्याहू ने भी दिए है युद्ध खत्म होने के संकेत

इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान के पास अब यूरोनियम संवर्धन या बैलेस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं है। यह युद्ध अब लोगों की उम्मीद से जल्दी खत्म हो सकता है क्योंकि मौजूदा हालात इजरायल के पक्ष में हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि इजरायल अब ईरान की प्राकृतिक गैस सुविधाओं को कोई हमला नहीं करेगा। उन्होंने यह भी पूरी तरह साफ किया कि इजरायल ने अमेरिका को इस युद्ध में नहीं घसीटा है।

हालात

मध्य-पूर्व में पूरे चरम पर है तनाव

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त रूप से हमला करने के बाद मध्य-पूर्व में बना तनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। सबसे अहम वैश्विक तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी प्रभावी रूप से बंद है और हजारों अमेरिकी मरीन सैनिकों की मध्य-पूर्व की ओर तैनाती जारी है। इसके बावजूद ट्रंप और नेतन्याहू के ये बयान युद्ध समाप्ति की दिशा में अब तक के उनके सबसे मजबूत संकेत माने जा रहें हैं।

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