क्या पाकिस्तान और अफगानिस्तान में शुरू होने वाला है युद्ध?
क्या है खबर?
खाड़ी में अभी-अभी शांति आई है, लेकिन एशिया में भारत के 2 पड़ोसी देशों- अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव फिर बढ़ता जा रहा है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर महीनों से जारी हिंसा के बाद दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमले किए हैं। जानकार इसे एक पूर्ण युद्ध की शुरुआत मान रहे हैं। दोनों देशों ने तनाव कम होने के कोई संकेत भी नहीं दिए हैं। आइए जानते हैं कि क्या एक और युद्ध शुरू होने जा रहा है।
सीमा
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर क्या हो रहा है?
बीते दिन दोनों पक्षों ने नई सैन्य कार्रवाई की घोषणा की है। पाकिस्तान ने कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने अफगानिस्तान से दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में घुसपैठ करने वाले 4 ड्रोनों को नष्ट कर दिया है। वहीं, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाओं ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सरानान में स्थित एक ISIS केंद्र को निशाना बनाया। साथ ही खैबर पख्तूनख्वा में भी अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
वजह
क्या है संघर्ष की तात्कालिक वजह?
दरअसल, 27 जून को कराची में सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर आतंकवादी हमला हुआ था। इसमें पाकिस्तान के अर्धसैनिक बल के 3 जवान मारे गए। पाकिस्तान ने इसका आरोप तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुट जमात-उल-अहरार पर लगाया है। इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के 3 प्रांतों में हमले किए और दावा किया कि 25 आतंकी मार गिराए गए। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बाजौर जिले में भी जमीनी अभियान में 4 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया।
अफगानिस्तान
अफगानिस्तान ने नागरिक मारे जाने का किया दावा
तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के हमलों में भारी संख्या में नागरिक हताहत हुए। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने कहा कि पाकिस्तानी हवाई हमलों में कम से कम 28 नागरिक मारे गए और 49 घायल हुए। वहीं, अफगान अधिकारियों ने हताहतों की संख्या और ज्यादा बताई। सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने कहा कि हमलों में 38 नागरिक मारे गए और महिलाओं और बच्चों सहित 163 लोग घायल हुए।
वजह
दोनों देशों में क्या है विवाद?
मौजूदा विवाद की जड़ें लंबे समय से चले आ रहे सुरक्षा विवादों और क्षेत्रीय मतभेदों में हैं। पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता TTP है, जो पाकिस्तानी शासन को उखाड़ फेंकने और इस्लामी शासन प्रणाली स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान TTP लड़ाकों को शरण देता है। वहीं, तालिबान सरकार कहती है कि ये पाकिस्तान का आंतरिक मुद्दा है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में TTP के हमलों में 660 जवान और नागरिक मारे गए।
युद्ध
क्या शुरू हो सकता है युद्ध?
विश्लेषकों का मानना है कि पारंपरिक जमीनी हमले की संभावना अभी कम है, क्योंकि पाकिस्तान पहले से राजकोषीय बाधाओं और मुद्रास्फीति सहित गंभीर आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, तालिबान के पास पाकिस्तान के भीतर अहम भूभाग पर कब्जा करने और उसे अपने नियंत्रण में रखने के लिए जरूरी पारंपरिक सैन्य क्षमताएं नहीं हैं। उसके पास विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन हैं, लेकिन लगातार हमले के लिए जरूरी मशीनीकृत सेना या वायु शक्ति नहीं है।