ईरान की चेतावनी- आर्थिक नाकेबंदी जारी रही तो एक बूंद तेल निर्यात नहीं होने देंगे
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान की आर्थिक नाकेबंदी करने का ऐलान किया है। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में सभी जगहों से तेल निर्यात रोकने की चेतावनी दी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक कार्रवाई में साथ देने वाले किसी भी देश को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।
बयान
रेजाई बोले- ईरान जवाब देने को तैयार
रेजाई ने कहा, 'अगर आर्थिक युद्ध जारी रहा, तो तेल की एक बूंद भी निर्यात नहीं की जाएगी, न तो होर्मुज जलडमरूमध्य से और न ही फारस की खाड़ी के किसी भी हिस्से से। ईरान, अमेरिकी आर्थिक युद्ध में किसी भी देश की भागीदारी या समर्थन को युद्ध का कृत्य मानेगा।'
एक अन्य बयान में उन्होंने कहा, "अगर डोनाल्ड ट्रंप कुछ करना चाहते हैं तो ईरान भी इसका जवाब देने के लिए तैयार है।"
अमेरिका
अमेरिकी वित्त मंत्री बोले- ईरान पर सबसे बड़ा वित्तीय हमला करेंगे
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन तेहरान के खिलाफ अब तक के सबसे मजबूत वित्तीय अभियान की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, "अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने युद्ध के अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है और ईरानी सरकार का समर्थन करने वाले वित्तीय चैनलों को बंद करने के लिए अपनी आर्थिक शक्तियों का उपयोग करने की योजना बना रहा है। यह किसी शत्रु के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला होगा।"
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा- ईरान पर आर्थिक दबाव का अभूतपूर्व अभियान शुरू करेंगे
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान को अलग-थलग करने और वित्तीय स्रोतों को बंद करने के लिए आर्थिक दबाव का एक अभूतपूर्व अभियान शुरू करेगा।
उन्होंने कहा था, "मैं किसी भी देश के खिलाफ अब तक की सबसे भीषण आर्थिक कार्रवाई की घोषणा कर रहा हूं। यह अभूतपूर्व पैमाने पर आर्थिक युद्ध और अलगाव होगा। ईरान को समर्थन देने वाले वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों, हवाई अड्डों और सरकारी संस्थाओं को भयानक परिणाम भुगतने होंगे।"
ईरान
ईरान ने ट्रंप की टिप्पणी का मजाक उड़ाया
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने ट्रंप के आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी के बाद अमेरिका का मजाक उड़ाया है। उन्होंने 'ईरान बूमरैंग' से जुड़ी व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि कठोर आर्थिक प्रतिबंध अंततः उल्टे पड़ जाते हैं।
वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने दावा किया कि आर्थिक युद्ध पर वाशिंगटन की अत्यधिक निर्भरता सैन्य मोर्चे पर अमेरिका की 'अपमानजनक हार' की मौन स्वीकृति है।