अजय जडेजा की यशस्वी जायसवाल को नसीहत, कहा- सुन नहीं सकते तो बोलो भी मत
क्या है खबर?
श्रीलंका क्रिकेट टीम और भारतीय क्रिकेट टीम के बीच कोलंबो में खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले के पहले दिन भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह घटना फर्नांडो के जायसवाल को आउट करने के बाद पवेलियन लौटने का इशारा करने पर हुई। अब इसको लेकर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर अजय जडेजा ने जायसवाल के रवैये की कड़ी आलोचना की है। आइए जानते हैं जडेजा ने क्या कहा।
बयान
जडेजा ने क्या दिया बयान?
जडेजा ने सोनी स्पोर्ट्स पर जायसवाल को नसीहत देते हुए कहा, "यह एक खतरनाक क्षेत्र है, इसमें कोई शक नहीं है। शारीरिक संपर्क एक अलग बात है। पिछले मैच में जायसवाल दूसरी तरफ थे। वह फील्डिंग कर रहे थे और उन्होंने निरोशन डिकवेला से कुछ बातें कही थीं। तब हमने कहा था कि छींटाकशी तब तक अच्छी लगती है जब तक आपकी भाषा में कुछ गलत न हो।"
उन्होंने खिलाड़ियों के खुद की क्षमता पहचानने पर भी जोर दिया।
नसीहत
सुन नहीं सकते तो बोलो भी मत - जडेजा
जडेजा ने आगे कहा, "यहां भी वही चीज हुई, लेकिन अगर कोई खुद पर नहीं हंस सकता, तो उसे दूसरों पर भी नहीं हंसना चाहिए। अगर आप पलटकर वापस नहीं सुन सकते (बरदाश्त नहीं कर सकते), तो मैदान पर खड़े होकर दूसरों के लिए भी कुछ मत कहिए।"
जडेजा के इस बयान का सीध अर्थ यह है कि पहले टेस्ट में जायसवाल की छींटाकशी को डिकवेला ने बर्दाश्त किया था तो अब जायसवाल को भी संयम रखना चाहिए था।
रुख
भारतीय बल्लेबाजी कोच का मामले पर क्या रहा रुख?
पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी माना कि जायसवाल को गेंदबाज के इतना करीब नहीं जाना चाहिए था।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "शायद गेंदबाज ने खेल के उस रोमांचक क्षण में कोई टिप्पणी की होगी। जाहिर तौर पर, मुझे नहीं लगता है कि जायसवाल को फर्नांडो के इतने करीब जाना चाहिए था, लेकिन खेल के जोश में ऐसी चीजें कभी-कभी हो जाती हैं। संयम रखना बेहद जरूरी है।"
पृष्ठभूमि
क्या है पूरा मामला?
भारतीय पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो की गेंदों पर जायसवाल ने लगातार 3 चौके जड़े। आखिरी गेंद पर फर्नांडो ने जायसवाल को आउट कर उन्हें पवेलियन लौटने का इशारा कर दिया।
जायसवाल पवेलियन की ओर लौटते-लौटते वापस मुड़े और गेंदबाज से भिड़ गए। दोनों के बीच कहासुनी हुई, सिर टकराए और हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
इस दौरान श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा और बाकी खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत किया।