ट्रंप के हमले रोकने के बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर दागी मिसाइल
क्या है खबर?
ईरान ने 3 दिन की शांति के बाद मंगलवार को एक बार फिर जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसे अमेरिका बौखला गया। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने इसे अचानक हमले का प्रयास बताया है। दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह कूटनीति को बढ़ावा देने के लिए तेहरान के खिलाफ सैन्य अभियान रोक दिया था, जिसके बाद क्षेत्र में 3 दिन से शांति थी। उसके बाद यह ईरान का पहला हमला है।
हमला
ईरान के सभी हमले रोके गए
CENTCOM ने एक्स पर बताया कि पूर्वी समयानुसार मंगलवार शाम 5:45 बजे, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IGRC) की सेनाओं ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना पर अचानक हमला करने की कोशिश थी।
अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया है। अमेरिकी सेना सतर्क है और पूरी तरह तैयार है।
इसके बाद अमेरिकी और सऊदी अरब की सेना ने इराक में ईरानी ठिकानों पर हमले किए।
जवाब
ईरान के खिलाफ सटीक हमले
CENTCOM ने बताया कि उसने और सऊदी अरब की सेना ने इराक में ईरान से जुड़े उन आतंकवादियों के खिलाफ सटीक हमले किए, जिन्हें IRGC ने अमेरिकी सेना और सऊदी ऊर्जा क्षेत्रों पर हमला करने का निर्देश दिया था।
CENTCOM ने बताया कि पिछले 72 घंटों में IRGC के निर्देश पर हुए 30 से ज़्यादा ड्रोन हमलों के कड़े जवाब में, अमेरिका और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई रसद और हथियारों के ठिकानों पर हमले किए हैं।
हमला
इराक में अमेरिकी नागरिकों और ठिकानों पर 600 से ज्यादा हमले की कोशिश- CENTCOM
अमेरिकी सेना ने बताया कि फरवरी-अप्रैल 2026 के बीच, इराक में ईरान से जुड़े आतंकवादी मिलिशिया द्वारा अमेरिकी नागरिकों और ठिकानों पर हमले की 600 से ज़्यादा कोशिशें की गईं हैं।
IRGC और उसके आतंकवादी सहयोगियों को अमेरिकी सेना की कार्रवाई से बचने के लिए हमले बंद करने होंगे।
इस महीने की शुरुआत में, ईरान ने जॉर्डन में एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जिसमें 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे, इसके बाद ट्रंप ने हमले तेज किए थे।
बातचीत
मंगलवार को ट्रंप नेतन्याहू मुलाकात के बाद ईरान का हमला
ट्रंप ने सोमवार को एक्सियोस को बताया कि अमेरिका ईरान के साथ गहन बातचीत कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कूटनीति विफल रही तो मजबूत सैन्य कार्रवाई होगी।
ट्रंप से पूछा गया कि वह बातचीत के लिए कितना समय देंगे। उन्होंने कहा, "ज्यादा समय नहीं है। या बातचीत जल्दी खत्म हो या बिल्कुल खत्म न हो।"
मंगलवार को ईरान का हमला, ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के बाद हुआ है।
हमला
अमेरिकी-सऊदी हमले में मारे गए 8 इराकी सैनिक
अमेरिका और सऊदी अरब के हमले में इराक में 8 सैनिक मारे गए हैं। इराकी सशस्त्र समूह के कमांड ने बताया कि 4 अन्य लोग घायल हुए हैं।
इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) सशस्त्र समूह ने बताया कि अमेरिकी और सऊदी सेनाओं ने इराक के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित उसके मुख्यालयों पर हमला किया है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए हैं और उसकी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।
समूह ने हमलों को इराक की संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
ट्विटर पोस्ट
ईरान का हमला
Iranian missiles hit US base in Jordan
— Sputnik (@SputnikInt) July 28, 2026
🔸At least 3 ballistic missiles struck the Muwaffaq Salti Airbase in Jordan, with local media footage showing direct impacts.
🔸 CENTCOM claims all missiles were intercepted — but social media video shows smoke rising from alleged impact… pic.twitter.com/uJIJnNhu7m