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ईरान ने शांति समझौते पर ट्रंप का दावा खारिज किया, कहा- सच और झूठ का मिश्रण
ईरान ने शांति समझौते पर ट्रंप का दावा खारिज किया

ईरान ने शांति समझौते पर ट्रंप का दावा खारिज किया, कहा- सच और झूठ का मिश्रण

लेखन गजेंद्र
May 30, 2026
09:40 am

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के साथ शांति समझौते की अंतिम शर्तों की घोषणा की, जिसको इस्लामिक राष्ट्र ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी मीडिया ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के हवाले से कहा कि ट्रंप का ऐलान सच और झूठ का मिश्रण है, जो तेहरान में समीक्षा के लिए आए मसौदे की शर्तों से अलग है। IRGC से संबद्ध फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियां मनगढ़ंत थी।

बयान

ईरान ने ट्रंप का बयान खारिज करते हुए क्या कहा?

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौता, जिसे 'प्रतिबद्धता के बदले प्रतिबद्धता' बताया गया है, वह ईरान में अनुमोदन के अंतिम चरण में है, हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। ईरान ने ट्रंप की टिप्पणियों 'एक मनगढ़ंत जीत को चित्रित करने का प्रयास' बताया है। ईरान प्रतिबंधों में ढील और परमाणु मुद्दे पर चर्चा सहित वार्ता के अगले चरण में तभी आगे बढ़ेगा जब समझौता ईरान की कुछ विशेष शर्तों और अमेरिका के प्रति उसके 'पूर्ण अविश्वास' पर आधारित होगा।

दावा

ट्रंप ने क्या दावा किया था?

ट्रंप ने ट्रुथ पर ईरान युद्धविराम को लेकर समझौते की प्रारंभिक शर्तों को बताया था और कहा था कि वह अंतिम निर्णय लेने जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि ईरान को यह मानना होगा कि उसके पास कभी भी कोई परमाणु हथियार या बम नहीं होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला होना चाहिए। उन्होंने सभी बारूदी सुरंगों को हटाने पर जोर देते हुए कहा कि ईरान में परमाणु धूल को पूरी तरह से 'नष्ट' कर दिया जाएगा।

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दावा

ट्रंप की शर्तों पर ईरान ने क्या कहा?

ईरान ने कहा कि होर्मुज को फिर से खोलने के लिए वह जहाजों की निगरानी और निरीक्षण, समुद्री सेवाओं का प्रावधान और सुरक्षा उपाय कर सकता है। ईरान ने इनकार किया कि तेहरान ने बिना किसी शुल्क या शर्त के होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई है। उसने मसौदे में ऐसे प्रावधान को नकारा है। ईरान ने अपने परमाणु सामग्री को नष्ट करने के दावे को भी खारिज कर दिया। उसने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

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जानकारी

ईरान ने बताया, क्या है मसौदा का बड़ा हिस्सा

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, मसौदे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ईरान की 12 अरब डॉलर (करीब 1,140 करोड़ रुपये) की संपत्तियों को जारी करना था। जब तक ये जारी नहीं होती, तेहरान बातचीत के अगले चरण में नहीं जाएगा। लेबनान में पूर्ण-युद्धविराम भी प्रमुख मुद्दा है।

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