ईरान में 544 प्रदर्शनकारियों की मौत, डोनाल्ड ट्रंप बोले- बात करना चाहता है ईरान
क्या है खबर?
ईरान में गंभीर आर्थिक संकट के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता एजेंसी ने बताया कि मृतकों में 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं। देश के अलग-अलग शहरों में पिछले 2 सप्ताह से चल रहे प्रदर्शन में अब तक 10,600 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया है।
बयान
ट्रंप ने कहा- धमकी के बाद बातचीत करना चाहता है ईरान
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके द्वारा दी गई हमले की धमकी के बाद अब ईरान बातचीत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बैठक आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़ने और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करना जारी रखने के मद्देनजर उन्हें पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है।
धमकी
ट्रंप बोले- ईरान ने पार की लाल रेखा
इस दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ने "लाल रेखा" पार कर ली है। इस पर ट्रंप ने कहा, "वे ऐसा करना शुरू कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि कुछ लोग मारे गए हैं। वाशिंगटन इस स्थिति को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने हमले को लेकर कहा कि "सेना इस पर विचार कर रही है, और हम कुछ बहुत मजबूत विकल्पों पर गौर कर रहे हैं। हम जल्द ही फैसला लेंगे।"
प्रतिक्रिया
अभी ईरान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
ईरान की ओर से बैठक के प्रस्ताव पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, कैरिबियन में अमेरिका की सैन्य तैनाती पर पेंटागन और ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकार विचार कर रहे हैं। तेहरान ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अमेरिका प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए बल का प्रयोग करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल "वैध लक्ष्य" होंगे। इस बीच, ट्रंप ने कहा कि ईरान ने फोन किया है, वे बातचीत करना चाहते हैं।
हमला
जून में ईरान पर हमला कर चुका है अमेरिका
अमेरिका की हमले की धमकी को ईरान गंभीरता से ले रहा है, क्योंकि इससे पहले पिछले साल जून में अमेरिकी सेना ने ईरानी धरती पर हमले किए थे। इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों के संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना ने फोर्डो परमाणु संवर्धन सुविधा सहित 3 स्थलों पर कम से कम 6 बंकर-रोधी बम गिराए थे। फोर्डो केंद्र एक पहाड़ के करीब 300 फीट नीचे था। इस हमले के बाद इजरायल-ईरान युद्ध तनाव कम हुआ था।