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ईरान ने अमेरिका से कहा- धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं
ईरानी संसद के अध्यक्ष एमबी गलिबफ ने कहा कि ईरान धमकियों में बातचीत स्वीकार नहीं करेगा

ईरान ने अमेरिका से कहा- धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं

लेखन गजेंद्र
Apr 21, 2026
09:03 am

क्या है खबर?

अमेरिका के साथ हो रही शांति वार्ता में ईरान के शीर्ष वार्ताकारों में शामिल ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने एक बार फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखकर साफतौर पर कहा कि अगर बातचीत धमकी के साये में की जाएगी तो इसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लिखा कि ट्रंप घेराबंदी और युद्धविराम का उल्लंघन करके फिर से युद्ध भड़काने को सही ठहराना चाहते हैं।

दबाव

युद्ध के मैदान में नए दांव खेलने की तैयारी- गलिबफ

गलिबफ ने एक्स पर लिखा, 'ट्रंप, घेराबंदी करके और संघर्ष-विराम का उल्लंघन करके—अपनी ही कल्पना में—इस बातचीत की मेज को समर्पण की मेज में बदलना चाहते हैं, या फिर से युद्ध भड़काने को सही ठहराना चाहते हैं। हम धमकियों के साए में बातचीत स्वीकार नहीं करते।' गलिबफ ने आगे लिखा कि ईरान ने पिछले 2 हफ्ते के युद्धविराम में युद्ध के मैदान में अपने नए दांव खेलने की तैयारी कर ली है।

बैठक

पाकिस्तान वार्ता में भाग लेना चाहता है ईरान

रॉयटर्स ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता में भाग लेने पर विचार कर रहा है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि तेहरान अपनी भागीदारी की सकारात्मक रूप से समीक्षा कर रहा है, जो दिखाता है कि ईरान ने बढ़ते तनाव के बीच बातचीत से इनकार करने वाले अपने पहले के रुख में बदलाव किया है।

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युद्धविराम

22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है युद्धविराम

राष्ट्रपति ट्रंप ने 8 अप्रैल को 2 हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की थी, जो 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसकी समयसीमा पूर्वी समय के अनुसार बुधवार रात 8 बजे, जो ईरान में गुरुवार सुबह साढ़े 3 बजे है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम का लगातार उल्लंघन और नाकाबंदी कूटनीति के लिए एक बड़ी बाधा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भी ट्रंप से नाकाबंदी पर विचार को कहा है।

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