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ईरान का अमेरिका पर जवाबी हमला, कुवैत में अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे को बनाया निशाना
ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डे पर किया हमला (तस्वीर: प्रतीकात्मक)

ईरान का अमेरिका पर जवाबी हमला, कुवैत में अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे को बनाया निशाना

May 28, 2026
11:20 am

क्या है खबर?

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 4:50 बजे एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर हमला किया है। IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई बंदर अब्बास हवाई अड्डे के पास हुए अमेरिका के हमले के जवाब में की गई है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों में लक्षित हवाई अड्डे के स्थान का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन IRGC ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की किसी भी कार्रवाई का जवाब अधिक निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।

कमान

ईरान की तरफ से IRGC ने संभाली कमान

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने बताया कि IRGC ने अमेरिकी हमलों के जवाब में गुरुवार को एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया है। IRGC ने कहा, "आज सुबह बंदर अब्बास हवाई अड्डे के बाहरी इलाके में एक स्थान पर हमलावर अमेरिकी सेना द्वारा एरियल प्रोजेक्टाइल (मिसाइल) का उपयोग करके की गई आक्रामकता के बाद उस अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया, जहां से हमला किया जा रहा था। यह कार्रवाई सुबह 4:50 बजे (स्थानीय समयानुसार) की गई।"

बचाव

अमेरिकी सेना ने मार गिराए 4 ईरानी ड्रोन

रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने 4 ईरानी हमलावर ड्रोन मार गिराए हैं, जिनके बारे में अधिकारियों का मानना ​​था कि वे रणनीतिक जलमार्ग में अमेरिकी सेना और वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा थे। बता दें कि अमेरिका ने बंदर अब्बास के पास स्थित एक ड्रोन ग्राउंड-कंट्रोल स्टेशन पर भी हमला किया, जो कथित तौर पर एक और ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा था। एक अमेरिकी अधिकारी ने इस अभियान को सीमित और रक्षात्मक बताया है।

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शुरुआत

अमेरिका ने की हमले की शुरुआत

दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच अमेरिका ने पिछले 3 दिनों में 2 बार दक्षिणी ईरान पर हमले किए हैं और खासकर बंदर अब्बास को निशाना बनाया है। अमेरिका का दावा है कि उसने यह हमले आत्मरक्षा में किए हैं। हालांकि, ईरान का कहना है कि अमेरिका ने हमला करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। वह शांति चाहता ही नहीं है। ऐसे में अब ईरान उसके हर हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।

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वार्ता

अमेरिका ईरान शांति वार्ता कहां तक पहुंची?

इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक दबाव की वजह से ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चल रही बातचीत से अमेरिका के मुताबिक सही समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ठीक इसी चेतावनी के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में हमला कर दिया। इससे हालत और बिगड़ गए।

केंद्र

होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बना हुआ गतिरोध का केंद्र

होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। फरवरी में युद्ध शुरू होने से पहले, यह संकरा समुद्री गलियारा वैश्विक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का लगभग 5वां हिस्सा संभालता था। ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि पिछले 24 घंटों में केवल 23 जहाजों ने ईरानी अनुमति से जलडमरूमध्य को पार किया, जो संघर्ष से पहले के तुलना में काफी कम है। तनाव से वैश्विक तेल की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है।

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