ईरान ने लेबनान में युद्धविराम के बाद होर्मुज खोलने का फैसला किया
क्या है खबर?
पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच बड़ी राहत की खबर आई है। ईरान ने लेबनान में इजरायल के 10 दिवसीय युद्धविराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का निर्णय किया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने को पूरी तरह से खुला घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लेबनान में संघर्ष-विराम स्थापित होने के बाद लिया गया है।
बयान
क्या बोले अराघची?
अराघची ने एक्स पर लिखा, 'लेबनान में संघर्ष-विराम के अनुरूप, होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग, संघर्ष-विराम की शेष अवधि के लिए, पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है। यह मार्ग उसी समन्वित मार्ग पर स्थित है, जिसकी घोषणा इस्लामिक गणराज्य ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले ही की जा चुकी है।' बता दें कि लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम की बातचीत वाशिंगटन में हो रही थी।
युद्धविराम
ट्रंप ने भी घोषणा पर मुहर लगाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी होर्मुज खोलने की पुष्टि की। उन्होंने ट्रुथ पर लिखा, 'ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान की जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुली है और पूरे आवागमन के लिए तैयार है। धन्यवाद!' इससे पहले ट्रंप ने लिखा था, 'लेबनान के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन हो सकता है। अच्छी चीज़ें हो रही हैं!!!' उन्होंने लेबनान में सशस्त्र समूह हिज़्बुल्लाह से उम्मीद की थी कि इस महत्वपूर्ण समय अब शांति होगी।
बातचीत
34 साल बाद हुई दोनों देशों में बातचीत
कट्टर दुश्मन लेबनान और इजरायल के बीच 34 साल बाद युद्धविराम पर बातचीत हुई थी। इसके लिए अमेरिका ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन को व्हाइट हाउस बुलाया था। उन्होंने कहा था कि बातचीत की कोशिश 1983 के बाद से हो रही है और अब इजरायल-लेबनान के बीच 34 साल बाद पहली सार्थक बातचीत होगी। उन्होंने कहा था कि दोनों पक्ष शांति चाहते हैं, और ऐसा होगा, और वह भी बहुत जल्द।
बातचीत
नेतन्याहू ने बातचीत के लिए केवल 2 मुद्दे बताए थे
नेतन्याहू ने लेबनान के साथ युद्धविराम पर बातचीत को लेकर कहा था कि इजरायल की मजबूती के कारण ये बातचीत हो रही है और इसमें केवल 2 मुद्दे शामिल होंगे। उन्होंने कहा था कि इन 2 मुद्दों में हिजबुल्लाह का विघटन और एक स्थायी शांति शामिल है, जो ताकत के बल पर हासिल की जाती है। हालांकि, तब ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह ने वाशिंगटन में लेबनान-इजरायल की बातचीत का विरोध किया था। वाशिंगटन में हमास-इजरायल की भी बातचीत जारी है।
युद्ध
ईरान पर हमले के बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष बढ़ा
इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के बाद हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमला शुरू किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बड़ी जंग शुरू हो गई। इजरायल ने लेबनान में कई इमारतों को धवस्त कर दिया और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। अभी तक लेबनान में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इससे पहले 2023 की हमास-इजरायल युद्ध में भी हिज्बुल्लाह कूदा था, जिसमें लेबनान में 4,000 से अधिक लोग मारे गए थे।