अमेरिका में भारतीय मूल के 2 भाइयों को क्यों हुई 835 साल की सजा?
क्या है खबर?
अमेरिका में भारतीय मूल के 2 भाइयों भास्कर सवानी और अरुण सवानी को 835 साल जेल की सजा सुनाई गई है। ये मामला धोखाधड़ी से जुड़ा है। सवानी भाइयों पर एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट को चलाने का आरोप है, जिसके जरिए लाखों डॉलर की हेराफेरी की गई थी। FBI के निदेशक काश पटेल के साथ सवानी भाइयों की तस्वीरें सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। आइए पूरा घटनाक्रम जानते हैं।
सजा
सवानी बंधुओं को कितनी सजा हुई है?
सवानी भाइयों पर आरोप हैं कि उन्होंने वीजा, स्वास्थ्य सेवा, मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी सहित कई तरह की धोखाधड़ी की। मामले में उनकी सहयोगी अलेक्जेंड्रा ओला राडोमिक भी दोषी पाई गई हैं। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने के बाद भास्कर को अधिकतम 420 साल और अरुण को 415 साल तक जेल की सजा हो सकती है। वहीं, राडोमिक को 40 साल तक की सजा सुनाई जा सकती है।
घोटाला
कैसे दिया घोटाले को अंजाम?
भास्कर पेशे से दंत चिकित्सक हैं, जबकि अरुण मुख्य रूप से वित्तीय मामलों को संभालते थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि भास्कर ने अपने दंत चिकित्सालयों को मेडिकेड बीमा अनुबंधों से समाप्त किए जाने के बाद भी मेडिकेड भुगतान प्राप्त करना जारी रखा। इसके लिए नामिनी के मालिकाना हक वाले दंत चिकित्सालयों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के जरिए 277 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी मेडिकेड दावे किए गए।
वीजा
कैसे किया गया H-1B वीजा घोटाला?
जांच में पता चला कि सवानी भाइयों ने विदेशी कामगारों को अमेरिका लाने के लिए फर्जी वीजा आवेदन और याचिकाएं दायर कीं, जिनमें से अधिकांश भारत से थे। काम पर रखे जाने के बाद इन लोगों से कई तरह के शुल्क वसूले गए और अपने वेतन का कुछ हिस्सा सवानी समूह को वापस देने के लिए मजबूर किया गया था। यह एक तरह से प्रवासियों का शोषण और ठगी थी।
मनी लॉन्ड्रिंग
सवानी बंधुओं पर मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप
अधिकारियों ने बताया कि सवानी भाइयों ने एक दंत चिकित्सक के राष्ट्रीय प्रदाता पहचानकर्ता (NPI) का इस्तेमाल कर फर्जी मेडिकेड दावे प्रस्तुत किए। कुछ दावे उस तारीख के थे, जब वह दंत चिकित्सक अमेरिका से बाहर था। अभियोजकों ने आरोप लगाया कि सवानी बंधुओं ने सवानी समूह से जुड़े कॉर्पोरेट बैंक खातों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी से मिली राशि को स्थानांतरित और छिपाकर धन शोधन किया।
अन्य आरोप
सवानी भाइयों पर ये आरोप भी लगे
अधिकारियों का कहना है कि भाइयों ने लगभग 14 करोड़ रुपये की निजी आय और 10 करोड़ रुपये की अघोषित कर्मचारी आय पर टैक्स का भुगतान नहीं किया। ये भी आरोप है कि दोनों ने कॉलेज की फीस, संपत्ति कर और घर के रखरखाव जैसे निजी खर्चों को व्यावसायिक खर्चों के तौर पर दिखाया। दोनों ने इंसानों के लिए असुरक्षित डेंटल इम्प्लांट को मरीजों की जानकारी या अनुमति के बिना उनमें प्रत्यारोपित कर दिया।