इमरान की पार्टी ने सरकार के खिलाफ दायर की याचिका, सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का आरोप
क्या है खबर?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने शनिवार को देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके मंत्रियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की है। PTI का आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करते हुए इमरान को निजी अस्पताल के बजाय जबरन एक सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया। पार्टी ने प्रधानमंत्री शहबाज समेत कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मांग
प्रधानमंत्री शहबाज समेत इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग
PTI के कानूनी सलाहकार नईम पांजुथा के अनुसार, यह अवमानना याचिका प्रधानमंत्री शहबाज, कानून मंत्री आजम नजीर तरार और सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार समेत कई अन्य उच्च सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करती है।
बता दें कि कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद इमरान को 2 दिनों के भीतर इस्लामाबाद के 'शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल' में शिफ्ट करने और उनके निजी डॉक्टरों की देखरेख में इलाज कराने का आदेश दिया था।
उल्लंघन
सरकार ने कैसे किया आदेशों का उल्लंघन?
कोर्ट के आदेश के बाद भी जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इमरान को आधी रात को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
इसके बाद डॉक्टरों की टीम से संक्षिप्त जांच कर उन्हें तुरंत वापस अडियाला जेल भेज दिया गया।
PTI की याचिका में जिम्मेदारों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने और इमरान का इलाज पहले दिए गए आदेशों के अनुसार निजी अस्पताल में ही कराने की मांग की गई है।
खतरा
पाकिस्तान में दोबारा भड़क सकते हैं विरोध प्रदर्शन
इमरान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और वे देश के सबसे लोकप्रिय राजनेताओं में से एक हैं।
पूर्व में उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसमें सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए थे।
PTI के नेताओं का मानना है कि इमरान को जबरन सरकारी अस्पताल ले जाने और दोबारा जेल में बंद करने से जनता में भारी गुस्सा है और देश में दोबारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं।