ईरान युद्ध में अब तक पश्चिम एशिया के किस देश में कितनी मौतें हुई हैं?
क्या है खबर?
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त रूप से ईरान पर हमला करने के बाद शुरू हुआ युद्ध 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस युद्ध के अभी खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे है। पिछले 10 दिनों में इजरायल, अमेरिका और ईरान के जवाबी हमलों से पश्चिम एशिया में हजारों मौतें हो चुकी है और तनाव बना हुआ है। आइए प्रभावित देशों की सरकारों, सेनाओं और स्वास्थ्य अधिकारियों के आंकड़ों के आधार पर मृतकों की संख्या जानते हैं।
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ईरान में हुई हैं सर्वाधिक मौतें
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि युद्ध में अब तक लगभग 200 महिलाओं और 12 वर्ष से कम उम्र के 200 बच्चों समेत 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इसी तरह 10,000 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं। ईरान के सरकारी संगठन फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरन्स अफेयर्स के अनुसार, मृतकों की संख्या 1,230 हो गई है। इससे पहले, ईरानी रेड क्रिसेंट ने 3 मार्च को मृतकों की संख्या 787 बताई थी।
जानकारी
HRANA ने बताई 1,708 मौतें
अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) ने सोमवार को कहा कि 1,708 लोगों की मौत हुई है। इनमें 194 बच्चे, 187 सैन्यकर्मी और 1,205 नागरिक शामिल हैं। 316 मृतकों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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इजरायल में कितना है मौतों का आंकड़ा?
इजरायली बचाव दल और सेना ने कुल 13 लोगों की मौत होने की सूचना दी है। आपातकालीन स्थिति में मौके पर पहुंचे बचाव दल ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइलें दागने के बाद से इजरायल में 11 लोग मारे गए हैं और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। मृतकों 9 लोग बेत शेमेश शहर पर हुए हमले में मारे गए। दक्षिणी लेबनान में 2 सैनिकों की भी मौत हुई है।
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लेबनान में हुई 486 लोगों की मौत
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि एक सप्ताह तक चले हमलों में 486 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1,313 अन्य लोग घायल हुए हैं। इससे पहले रविवार को मंत्रालय ने बताया था कि मरने वालों की शुरुआती संख्या 394 थी, जिनमें 83 बच्चे और 42 महिलाएं शामिल थीं। इसी तरह लेबनानी सेना ने कहा कि उसके 3 सैनिक मारे गए हैं। हालांकि, आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने अपने नुकसान का अभी तक खुलासा नहीं किया है।
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खाड़ी देशों में क्या रही स्थिति?
खाड़ी देशों के अधिकारियों और अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरानी हमलों की शुरुआत के बाद से पड़ोसी देशों में 23 लोगों के मारे जाने की सूचना दी है। मृतकों में अधिकतर सैन्य या सुरक्षाकर्मी थे, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिक और 10 नागरिक शामिल थे। कुवैत के सैन्य और स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 मौतों की सूचना दी है, जिनमें 2 कुवैती सैनिक, 2 सीमा रक्षक और 2 नागरिक शामिल हैं, जिनमें से एक 11 वर्षीय लड़की भी है।
अन्य
अन्य खाड़ी देशों में भी हुई मौतें
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय और दुबई मीडिया कार्यालय ने 6 लोगों की मौत की सूचना दी है। इनमें 4 नागरिक और 2 सैन्यकर्मी शामिल हैं, जिनकी मौत तकनीकी खराबी से हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने 2 नागरिक, बहरीन के गृह मंत्रालय ने 2 नागरिक, ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने समुद्र में एक नाविक की मौत की सूचना दी है। कतर में 16 लोगों के घायल होने की सूचना है।
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इराक में हुई 16 मौतें
इराक में ईरान समर्थक लड़ाकों ने कहा कि उनके 16 सदस्य हमलों में मारे गए, जिसके लिए उन्होंने इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र में अधिकारियों ने कहा कि एरबिल हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले में 1 हवाई अड्डा गार्ड की मौत हो गई, जबकि ईरानी हमलों में कम से कम 2 ईरानी कुर्द लड़ाके मारे गए। इसी तरह जॉर्डन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मुस्तफा हयारी ने 14 लोगों को घायल बताया है।
शुरुआत
कैसे हुई थी इस युद्ध की शुरुआत?
इजरायल ने गत 28 फरवरी को अमेरिका की सेना के साथ मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया था। उसने राजधानी तेहरान के अलावा करमानशाह, लोरेस्टन, तबरीज, इस्फहान और करज शहरों 30 से अधिक जगहों पर हमले किए थे। तेहरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें खामेनेई समेत उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू की भी मौत हो गई। उसके बाद ईरान के जवाबी कार्रवाई शुरू करते ही संघर्ष भड़क गया।