हंता वायरस: समुद्री जहाज पर हुई मानव से मानव में फैलने वाले 'एंडीज' स्ट्रेन की पुष्टि
क्या है खबर?
अटलांटिक महासागर में पर्यटक जहाज MV होंडियस पर फैले 'हंता वायरस' के संक्रमण के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। उपचार के लिए दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में भर्ती कराए गए एक मरीज की जांच में उसका 'हंता वायरस' के एंडीज स्ट्रेन से संक्रमित होना पाया गया है। यह एकमात्र ऐसा स्ट्रेन है जो इंसान से इंसान में फैलता है। दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। इस स्ट्रेन को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है।
जहाज
किस जहाज पर फैला है 'हंता वायरस' का प्रकोप?
'हंता वायरस' का यह प्रकोप MV होंडियस नाम के जहाज पर सामने आया है, जिसे ओशनवाइड एक्सपीडिशंस कंपनी चलाती है। इस जहाज 20 मार्च को 170 यात्रियों के साथ अर्जेंटीना के उशुआइया से सफर शुरू किया था और उसे 4 मई को केप वर्डे पहुंचना था। इस दौरान जहाज पर 'हंता वायरस' का संक्रमण फैल गया है। इससे अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इस जहाज की लंबाई लगभग 107.6 मीटर बताई जा रही है।
पुष्टि
दक्षिण अफ्रीका ने की वायरस की पुष्टि
दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री आरोन मोत्सोलेदी ने संसदीय समिति को बताया कि जहाज पर बीमार हुए एक व्यक्ति की राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान (NICD) ने जांच की थी। इसमें उसके हंता वायरस के एंडीज स्ट्रेन से संक्रमित होना पाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि "यह हंता वायरस के सभी 38 स्ट्रेनों में से एकमात्र ऐसा स्ट्रेन है जो मनुष्यों के बीच संक्रमण का कारण बनता है। इसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी
वर्तमान में कहां है जहाज?
वर्तमान में यह जहाज स्पेन ने कैनरी द्वीप समूह पर खड़ा है, लेकिन वायरस के संक्रमण को देखते हुए सरकार ने जहाज से यात्रियों को उतारने की अनुमति नहीं दी है। अधिकारी यह निर्धारित कर रहे हैं कि किन यात्रियों को निकाला जा सकता है।
सवाल
'हंता वायरस' क्या है?
अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के मुताबिक, हंता वायरस वायरसों का एक समूह है, जो मुख्य रूप से चीजों को कुतरने वाले जीवों (रोडेंट्स) में पाया जाता है। ये चूहे, गिलहरी और छछूंदर में भारी संख्या में होते हैं। यह इन जीवों के मल, लार या मूत्र के जरिए फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) जैसी बीमारियों का कारण बनता है, जिसकी मृत्यु दर 38-50 प्रतिशत तक होती है।
बयान
WHO ने क्या दिया बयान?
इस मामले में WHO ने कहा कि सक्रमण के कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मृतकों में डेनमार्क के 70 वर्षीय दंपति के अलावा एक जर्मन नागरिक शामिल है। WHO वायरस की निगरानी, प्रयोगशाला क्षमता, रोगी देखभाल और प्रकोप प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए देशों के साथ काम कर रहा है। WHO ने कहा कि वह इसके निदान, उपचार, संक्रमण नियंत्रण और संपर्क ट्रेसिंग पर नए दिशानिर्देश जल्द ही जारी करेगा। तब तक सभी को सावधानी बरतनी चाहिए।
सावधानी
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए क्या बरतें सावधानियां?
WHO के अनुसार, वायरस के प्रसार को रोकने के लिए चूहों जैसे रोडेन्ट्स से दूरी बनाना, साफ-सफाई रखना, चूहों को इमारतों में प्रवेश करने से रोकने के लिए छेदों और दरारों को बंद करना, खाद्य पदार्थों को सीलबंद डिब्बों में रखना, चूहों से प्रभावित क्षेत्रों में वैक्यूम क्लीनर से सफाई करना, सफाई से पहले दूषित क्षेत्रों को गीला कर हवा में मौजूद कणों को कम करना और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना जैसी सावधानियां बरतनी जरूरी है।