होर्मुज पर मदद को तैयार हुए कई यूरोपीय देश, जापान-कनाडा भी आगे आए
क्या है खबर?
युद्ध के चलते ईरान ने वैश्विक तेल व्यापार के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रखा है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर अब कई यूरोपीय देश इसे खुलवाने में मदद करने के लिए सामने आए हैं। हालांकि, कुछ देशों ने पहले युद्धविराम की शर्त रखी है।
बयान
देश बोले- होर्मुज खुलवाने के लिए 'उचित प्रयासों' में शामिल होंगे
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान और कनाडा ने संयुक्त बयान जारी कर खाड़ी में जहाजों पर ईरान के हमलों, तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की निंदा की। इन देशों ने कहा कि वे ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए कदम उठाएंगे और होर्मुज से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 'उचित प्रयासों' में शामिल होने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये उचित प्रयासों क्या होंगे।
देश
देशों ने की ईरान से ये अपील
इन देशों ने ईरान से तत्काल कार्रवाई रोकने का आह्वान किया और कहा कि वे ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और बाजारों को स्थिर करने के लिए कुछ ऊर्जा उत्पादक देशों के साथ मिलकर काम करेंगे। देशों ने कहा, "हम ईरान से आह्वान करते हैं कि वह अपनी धमकियों, बारूदी सुरंग बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए अवरुद्ध करने के अन्य प्रयासों को तुरंत बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करे।"
बड़ी बातें
बयान की बड़ी बातें
ईरान की कार्रवाइयों का असर दुनिया के हर हिस्से में लोगों, विशेषकर सबसे कमजोर तबके पर पड़ेगा। हम जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने हेतु उचित प्रयासों में योगदान देने के लिए अपनी तत्परता व्यक्त करते हैं और उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी संबंधी योजना में लगे हुए हैं। हम संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के माध्यम से सबसे अधिक प्रभावित देशों को सहायता प्रदान करने के लिए भी काम करेंगे।
अपील
ट्रंप ने की थी अपील
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया की अन्य ताकतों और NATO से होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलने में मदद करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वे इस मामले पर बातचीत और योजना बनाने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उनकी इस अपील को ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिटेन समेत कई देशों ने ठुकरा दिया था। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि उन्हें किसी की मदद नहीं चाहिए।