फ्रांस में इबोला वायरस का पहला मामला सामने आया, कांगो मिशन से लौटे डॉक्टर में पुष्टि
क्या है खबर?
इबोला वायरस अफ्रीकी देशों से यूरोप तक पहुंच गया है। फ्रांस में इबोला का पहला मामला सामने आया है, यहां के एक डॉक्टर में वायरस की पुष्टि हुई है। फ्रांसीसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि संक्रमित डॉक्टर कांगो में एक मानवीय मिशन से लौट हैं। यह फ्रांस में पहला सकारात्मक मामला है। मंत्रालय ने कहा कि मरीज को अलग-थलग कर दिया गया है और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है।
जोखिम
मरीज की स्थिति पर नजर रखी जा रही
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरीज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि जिन लोगों की पहचान संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के रूप में की गई है, उन्हें क्षेत्रीय स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा सूचित किया जाएगा और 21 दिनों के लिए घर में आइसोलेशन में रखा जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि मामला सामने आने के बाद लोगों में चिंता है, लेकिन आम यूरोपीय आबादी के लिए जोखिम कम है।
वायरस
कांगो और युगांडा में दिख रहा ज्यादा असर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, इबोला का असर कांगो और युगांडा में ज्यादा है। कांगो में अभी तक 1,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं। यहां 267 जानें वायरस से जा चुकी हैं। WHO ने बताया कि ठीक हो चुके मरीजों में इसके लक्षण छिपे रह सकते हैं और वर्षों बाद फिर से उभर सकते हैं। इसे 17 मई को स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है। अप्रैल में प्रकोप के बाद मौतों में 25 प्रतिशत से अधिक बच्चे शामिल हैं।