ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के जजों के सामने टैरिफ फैसले की आलोचना की, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्टेट ऑफ द यूनियन के भाषण में टैरिफ को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की। ट्रंप ने कोर्ट के न्यायाधीशों के सामने कहा कि यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है और नए टैरिफ अधिक बुरे हो सकते हैं। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के "स्वर्ण युग" की शुरुआत की घोषणा करते हुए विजयी स्वर में कहा कि देश पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर, समृद्ध और मजबूत होकर वापस लौट आया है।
भाषण
पहले न्यायाधीशों का अभिवादन किया, फिर भड़ास निकाली
ट्रंप ने टैरिफ फैसले की आलोचना उस समय की, जब सुप्रीम कोर्ट के 4 न्यायाधीश वार्षिक भाषण में मौजूद थे। इनमें मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स, कोनी बैरेट, ब्रेट कावानाघ और एलेना कागन शामिल थे। ट्रंप ने पहले चारों का अभिवादन किया और हाथ मिलाया, फिर बाद में मंच से अपनी भड़ास निकाली। इस फैसले में 3 रूढ़िवादी न्यायाधीशों, रॉबर्ट्स, बैरेट और नील गोरसच ने अपने उदारवादी सहयोगियों के साथ मिलकर टैरिफ लगाने के फैसले को खारिज कर दिया था।
आलोचना
आयकर जगह लेगा टैरिफ- ट्रंप
ट्रंप ने संबोधन में कहा, "जो देश हमें बुरी तरह लूट रहे थे, अब उन्हें शुल्क चुकाना पड़ रहा है। वे खुश हैं, हम भी खुश हैं। डेमोक्रेट शायद सहमत न हों, लेकिन वे जानते हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि जिन देशों ने यह समझौता किया है, वे शुल्क संबंधी अपने समझौते को कायम रखना चाहते हैं।" ट्रंप ने कहा कि टैरिफ आयकर की जगह लेंगे और अमेरिकियों से बोझ कम करेंगे।
संबोधन
अमेरिका ने 18 ट्रिलियन डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता हासिल की- ट्रंप
ट्रंप ने कहा, "मेरा मानना है कि विदेशी देशों द्वारा चुकाया जाने वाला टैरिफ, अतीत की तरह, आयकर की आधुनिक प्रणाली को काफी हद तक प्रतिस्थापित कर देंगे, जिससे हमारे लोगों पर से एक बड़ा वित्तीय बोझ कम होगा।" उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने दुनियाभर से 18 ट्रिलियन डॉलर (करीब 1,637 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि उन्हें विरासत में संकटग्रस्त राष्ट्र और स्थिर अर्थव्यवस्था मिली थी।
विरोध
डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर को समुद्री डाकू कहा
ट्रंप ने अपने संबोधन में मिनिसोटा से डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि इल्हान उमर की कड़ी आलोचना की और अपने दावे को दोहराया कि "सोमाली समुद्री लुटेरों ने रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और कानूनहीनता के माध्यम से मिनेसोटा को लूटा है।" ट्रंप ने दावा किया कि बिना किसी प्रतिबंध के आव्रजन और खुली सीमाओं के माध्यम से इन संस्कृतियों का आयात करने से ये समस्याएं सीधे अमेरिका में आ जाती हैं। तभी रशीदा तलैब और उमर ने अपनी सीट से उठकर राष्ट्रपति को "झूठा" कहा।
समर्थन
अमेरिका की सुरक्षा संबंधी दावे पर डेमोक्रेट का विरोध
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार का पहला कर्तव्य अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना है, न कि अवैध प्रवासियों की, अगर आप इस बयान से सहमत हैं, तो खड़े हो जाइए और समर्थन दिखाइए। तभी सदन में अन्य सांसद खड़े हो गए, जबकि डेमोक्रेट सांसदों ने इस दावे का बैठकर विरोध जताया। ट्रंप ने कहा कि शहरों में अपराध कम हुआ है। इस दौरान उन्होंने अपने मित्र चार्ली को याद कर कहा कि हमें राजनीतिक हिंसा को अस्वीकार करना चाहिए।
नया कानून
अमेरिका अवैध प्रवासियों को नहीं मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस
ट्रंप ने अपने SOTU संबोधन में कांग्रेस से 'सेव अमेरिका' अधिनियम को मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कानून लागू होने पर सभी मतदाताओं को अब मतदान करने के लिए नागरिकता का प्रमाण और मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। ट्रंप ने हाल की सड़क हादसों का जिक्र करते हुए अवैध प्रवासियों को ड्राइविंग लाइसेंस देने का भी विरोध किया। उन्होंने अवैध अप्रवासियों को ड्राइविंग लाइसेंस देने से रोकने के लिए 'डेलिलाह कानून' लागू करने का आह्वान किया है।
भाषण
क्या है स्टेट ऑफ द यूनियन? सबसे लंबा रहा ट्रंप का भाषण
स्टेट ऑफ द यूनियन (SOTU) अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दिया जाने वाला वार्षिक संबोधन है, जिसमें वह अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में संयुक्त सत्र को संबोधित करते हैं। इस दौरान राष्ट्रपति देश की वर्तमान स्थिति और भविष्य की नीतियों, प्राथमिकताओं और विधेयकों की जानकारी देते हैं। अमेरिकी संविधान के मुताबिक, यह चुनावी भाषण नहीं बल्कि संवैधानिक कर्तव्य है। ट्रंप ने 1 घंटा 50 मिनट तक भाषण देकर बिल क्लिंटन का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने 1 घंटे 28 मिनट का भाषण दिया था।