डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया ईरान का युद्धविराम प्रस्ताव, बोले- पागलों को परमाणु बम नहीं दे सकते
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का नया युद्धविराम प्रस्ताव खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसी रियायतें मांग रहा है, जिन्हें वह स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं।" दरअसल, ईरान ने 30 अप्रैल की शाम को पाकिस्तान को युद्धविराम वार्ता से जुड़ा नया प्रस्ताव सौंपा था। हालांकि, इसमें क्या शर्तें थीं, उसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
बयान
ट्रंप बोले- हमने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका
ट्रंप ने कहा, "ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई ने मध्य पूर्व को एक ऐसे ईरान से बचा लिया, जो परमाणु हथियारों से लैस होकर कभी भी हमला कर सकता था। हमने ईरान को B2 बमवर्षकों विमानों से रोका। अगर हमने ऐसा नहीं किया होता, तो उनके पास परमाणु हथियार होते। इजरायल, मध्य पूर्व और यूरोप के टुकड़े-टुकड़े हो गए होते। हम जल्दी नहीं निकलेंगे ताकि 3 साल बाद फिर यही समस्या खड़ी हो जाए।"
विकल्प
ट्रंप बोले- ईरान के पास 2 ही विकल्प
ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब 2 ही विकल्प बचे हैं: या तो वह बातचीत करके अंतिम समझौते पर पहुंचे या फिर अमेरिका तेहरान के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर दे जो उसे पूरी तरह से तबाह कर देगा। ट्रंप ने कहा, "क्या हम जाकर उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर देना चाहते हैं और उन्हें हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहते हैं? या हम कोई समझौता करने की कोशिश करना चाहते हैं?"
ईरान
ईरान बोला- अमेरिका धमकी देना बंद करे तभी बातचीत होगी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ फिर से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें धमकी भरी भाषा बंद करनी होगी। उन्होंने कहा, "अगर वाशिंगटन अपने अतिवादी रवैये, धमकी भरी बयानबाजी और उकसाने वाली कार्रवाइयों को बदलता है, तो तेहरान कूटनीति के लिए खुला है।" हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी खतरे से देश की रक्षा करने के लिए तैयार हैं।
हथियार
अमेरिका खाड़ी देशों को 800 अरब रुपये के हथियार देगा
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सहयोगियों को करीब 800 अरब रुपये के हथियार सौदों को मंजूरी दी है। इसके तहत, वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण दिए जाएंगे। रॉयटर्स के मुताबिक, कतर को लगभग 37,000 करोड़ रुपये की पैट्रियट हवाई और मिसाइल रक्षा सहायता और सटीक-निर्देशित हथियार प्रणालियां मिलेंगी। वहीं, कुवैत को लगभग 23,000 करोड़ रुपये की एकीकृत युद्ध कमान प्रणाली दी जाएगी। इजराइल और UAE को एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम (APKWS) दिया जाएगा।