डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा: जिनपिंग से मुलाकात में किन मुद्दों पर बनी सहमति और कहां विवाद?
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे पर हैं। आज उन्होंने अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ बैठक की। दोनों नेताओं के बीच तय समय से करीब 1 घंटे ज्यादा देर तक चली बैठक में ताइवान, ईरान से लेकर व्यापार तक के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान कई मुद्दों पर सहमति बनीं, तो कई मुद्दों पर दोनों देशों के अलग-अलग रुख सामने आए। आइए ट्रंप के दौरे के पहले दिन का सार जानते हैं।
दिन
आज क्या-क्या हुआ?
दिन की शुरुआत ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ट्रंप को गार्ड ऑफ ऑनर देने के साथ हुई। इसके बाद जिनपिंग-ट्रंप के बीच 2 घंटे से ज्यादा देर तक बैठक हुई। जिनपिंग ने ट्रंप के साथ आए व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल से अलग से मुलाकात की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने बीजिंग के सबसे ऐतिहासिक स्थलों में से एक टेंपल ऑफ हेवन का प्रतीकात्मक सांस्कृतिक दौरा किया। इसके बाद ट्रंप ने जिनपिंग द्वारा आयोजित एक भव्य राजकीय भोज में हिस्सा लिया।
बैठक
बैठक में क्या हुआ?
बैठक के दौरान चीनी अधिकारियों ने दीर्घकालिक स्थिरता और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि व्हाइट हाउस ने आर्थिक संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक समन्वय पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। चीनी सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, जिनपिंग ने कहा, "एक सदी में अभूतपूर्व परिवर्तन दुनिया में तेजी से हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्थिति उथल-पुथल भरी है। क्या चीन-अमेरिका संबंधों का एक नया प्रतिमान स्थापित कर सकते हैं? क्या हम दुनिया को अधिक स्थिरता प्रदान कर सकते हैं?"
सहमति
किन मुद्दों पर बनी सहमति?
व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ऊर्जा आपूर्ति की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए। व्हाइट हाउस ने बताया कि जिनपिंग ने अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाने में रुचि व्यक्त की। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में सुधार करते हुए अपनी 'समस्याओं की सूची' को छोटा करने का प्रयास करेंगे।
असहमति
किन मुद्दों पर नहीं बन पाई सहमति?
बैठक के दौरान ताइवान सबसे विवादास्पद मुद्दा बनकर उभरा। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिनपिंग ने ताइवान को 'चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे अहम मुद्दा' बताया। जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि अगर ताइवान मुद्दे को उचित तरीके से सुलझाया गया तो अमेरिका-चीन संबंध स्थिर रहेंगे। लेकिन अगर इस मुद्दे को सावधानीपूर्वक न संभाला गया तो टकराव और यहां तक कि संघर्ष भी हो सकते हैं, जिससे पूरे संबंध गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे।
बयान
ट्रंप ने जिनपिंग को 'महान नेता' बताया
बैठक के दौरान ट्रंप ने जिनपिंग की तारीफ करते हुए उन्हें एक 'महान नेता' बताया। ट्रंप ने कहा, "चीन और आपके द्वारा किए गए कार्यों के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है। आप महान नेता हैं। कभी-कभी लोगों को मेरा ऐसा कहना पसंद नहीं आता, लेकिन मैं फिर भी कहता हूं। हमारे सभी महान प्रतिनिधिमंडलों की ओर से, जिनमें दुनिया के महान, बड़े और बेहतरीन व्यवसायी शामिल हैं, वे आज यहां आपको और चीन को सम्मान देने आए हैं।"