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दिलजीत दोसांझ अब भारतीय नहीं? नागरिकता को लेकर सामने आया अब तक का सबसे बड़ा सच
दिलजीत दोसांझ ने छोड़ी भारत की नागरिकता

दिलजीत दोसांझ अब भारतीय नहीं? नागरिकता को लेकर सामने आया अब तक का सबसे बड़ा सच

May 14, 2026
11:19 am

क्या है खबर?

दुनियाभर में 'मैं हूं पंजाब' का नारा बुलंद करने वाले ग्लोबल सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। जहां एक तरफ दिलजीत की राजनीति में एंट्री को लेकर कयास लग रहे थे, वहीं अब खुलासा हुआ है कि दिलजीत अब कानूनी रूप से भारत के नागरिक ही नहीं रहे। आखिर क्या है दिलजीत की इस विदेशी नागरिकता का पूरा सच, आइए जानते हैं।

नागरिकता

गुपचुप तरीके से ली अमेरिकी नागरिकता

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दिलजीत अब कानूनी रूप से भारतीय नागरिक नहीं रहे। खबर है कि उन्होंने साल 2022 में ही गुपचुप तरीके से अमेरिका (US) की नागरिकता हासिल कर ली थी और अब वो अमेरिकी पासपोर्ट पर ही सफर करते हैं। 1 सितंबर, 2022 से वे लगातार ई-वीजा पर ही भारत आ रहे हैं। इस खुलासे ने न केवल उनके फैंस का दिल तोड़ दिया है, बल्कि भारत में उनके राजनीतिक भविष्य पर भी ताला लगा दिया है।

खुलासा

बिना OCI कार्ड के ई-वीजा पर भारत आते हैं दिलजीत

सूत्रों का कहना है कि दिलजीत के पास 'भारतीय मूल के विदेशी नागरिक' का कार्ड भी नहीं है, जो आमतौर पर विदेश में बसे भारतीयों के पास होता है ताकि उन्हें भारत आने-जाने में आसानी हो। दिलजीत का आखिरी भारतीय पासपोर्ट 2018 में मुंबई से जारी हुआ था, जिसे अब वो सरेंडर कर चुके हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि उनका इससे पिछला पासपोर्ट अफ्रीका के जाम्बिया से जारी हुआ था।

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रिपोर्ट

अमेरिका में पत्नी, आलीशान बंगला और विदेशी पासपोर्ट

रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि दिलजीत की पत्नी संदीप कौर भी अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन करते समय दिलजीत ने कथित तौर पर कैलिफोर्निया स्थित पांच बेडरूम वाले बंगले का पता दिया था। ये मामला ऐसे समय सामने आया है, जब गायक के पंजाब राजनीति में आने की अटकलें तेज हैं। सामाजिक संगठन 'जागो पंजाब मंच' ने उनसे राज्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने की अपील की है।

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अपील

दिलजीत को मिला था राजनीति में आने का न्योता

पंजाब के आर्थिक संकट और बढ़ते नशे के खिलाफ लड़ने के लिए सेना के पूर्व अधिकारियों और रिटायर नौकरशाहों ने दिलजीत को नेतृत्व संभालने का न्योता दिया था। उनका मानना था कि पंजाब को दिलजीत जैसे 'ईमानदार चेहरे' की जरूरत है, लेकिन अपनी नागरिकता विवाद और अमेरिकी पासपोर्ट की खबरों के बीच दिलजीत ने इन तमाम अटकलों पर पानी फेरते हुए साफ कह दिया है कि वो कभी राजनीति में कदम नहीं रखेंगे।

इरादा

बदलना होगा मन, पर आसान नहीं है राह

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर भविष्य में दिलजीत का मन बदलता भी है और वो पंजाब की सेवा के लिए राजनीति में आना चाहते हैं तो उनकी राह कांटों भरी है। भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 6 के अनुसार, किसी भी विदेशी नागरिक (जैसे अब दिलजीत हैं) को भारतीय नागरिकता पाने के लिए आवेदन करने से पहले भारत में कम से कम 12 साल बिताने होंगे। भारत में चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ भारतीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है।

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