डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बताया अमेरिकी क्षेत्र, ईरान ने दी चेतावनी
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर विवादित तस्वीर साझा करते हुए वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नया अमेरिकी क्षेत्र बताया है। आर्थिक प्रतिबंधों और इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही जारी तनाव इस बयान के बाद चरम पर पहुंच गया है। इससे पहले 14 अगस्त को एक भाषण के दौरान भी ट्रंप ने होर्मूज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने का संकेत दिया था।
चेतावनी
ईरान की पड़ोसी देशों को अमेरिका का साथ न देने की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित प्रतिबंधों की निंदा करते हुए उन्हें अपनी सीमाओं से परे अमेरिकी अधिकार थोपने का प्रयास बताया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि वाशिंगटन की ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी पड़ोसी देश ने अमेरिका के इस आर्थिक अभियान का समर्थन किया, तो उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा।
हालात
ठप हुआ तेल का व्यापार, अमेरिकी सेना ने संभाली कमान
ईरान के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब अनधिकृत तेल टैंकरों के लिए पूरी तरह बंद है। इस संकट के कारण दुनिया के बड़े क्रूड कैरियर और LNG टैंकर इस रास्ते से गायब हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि अमेरिकी सेना की मदद से रोजाना औसतन 80 लाख बैरल तेल इस जलमार्ग से निकाला जा रहा है, जो संकट से पहले के 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन के मुकाबले बेहद कम है।
उम्मीद
कूटनीति की उम्मीद और ईरान की सैन्य ताकत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि वह देश की ताकत और गरिमा को बनाए रखते हुए इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए राजनयिक समाधान के लिए तैयार हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही अमेरिकी हमलों से ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा हो, लेकिन उसके पास अब भी भारी मात्रा में मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं मौजूद हैं, जो कभी भी इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद कर सकती हैं।