फ्रांस में ब्लड सैंपल स्टोर करने वाली यूनिट्स पर साइबर हमला, तापमान बढ़ाने की हुई कोशिश
क्या है खबर?
फ्रांस में रक्त के नमूने सुरक्षित रखने वाली कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं पर साइबर हमला हुआ है। साप्ताहिक अखबार ले कैनार्ड एनचेन की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, हैकरों ने इन यूनिट्स का तापमान बढ़ाकर 110 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाने की कोशिश की। इन सुविधाओं का इस्तेमाल फ्रांस की राष्ट्रीय रक्त सेवा करती है। हमले के कारण रक्त के नमूनों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई थी। हालांकि, समय रहते इसका पता चलने से बड़ा नुकसान टल गया।
हमला
रविवार और सोमवार की रात हुआ हमला
रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला रविवार और सोमवार की रात को हुआ।
हैकरों ने कूलवर्ल्ड नाम की कंपनी को निशाना बनाया, जो फ्रेंच ब्लड एस्टैब्लिशमेंट (EFS) के लिए स्टोरेज कंटेनरों की देखरेख करती है। इनमें बोर्गोग्ने-फ्रैंच-कॉम्टे क्षेत्र की सुविधाएं भी शामिल हैं।
आमतौर पर इन स्टोरेज यूनिट्स को रक्त के नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 30 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाता है, ताकि वे लंबे समय तक खराब न हों।
कार्रवाई
तकनीशियन ने समय रहते पकड़ी गड़बड़ी
EFS के मुताबिक, रात में ड्यूटी पर तैनात तकनीशियन ने स्टोरेज सुविधाओं का तापमान बढ़ता हुआ देखा। इसी वजह से साइबर हमले का समय रहते पता चल गया।
हैकरों ने यूनिट्स की सेटिंग में बदलाव कर तापमान 110 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाने की कोशिश की थी। सामान्य स्थिति में इन मशीनों को बेहद कम तापमान पर रखा जाता है, ताकि रक्त के नमूने खराब न हों और सुरक्षित बने रहें।
तकनीशियन की सतर्कता से समय पर कार्रवाई संभव हो सकी।
नुकसान
स्वास्थ्य मंत्रालय ने किसी नुकसान से किया इनकार
फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस साइबर हमले का कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है।
EFS ने शुरुआत में बताया था कि प्रभावित नमूने रक्त चढ़ाने से जुड़ी स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था के तहत रखे गए थे। इस व्यवस्था में रक्त चढ़ाने के बाद मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के लिए नमूनों को सुरक्षित रखा जाता है।
इन नमूनों का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य संबंधी जांच और निगरानी के लिए किया जाता है।
सुपरमार्केट
यूरोप के सुपरमार्केट भी बन चुके हैं निशाना
यूरोप के कई देशों में इससे पहले भी साइबर हमलों के जरिए सुपरमार्केट की रेफ्रिजरेशन और फ्रीजर व्यवस्था को निशाना बनाया जा चुका है।
स्वीडन में कुछ दुकानों के फ्रीजर का तापमान बढ़ने से खाद्य सामान खराब हुआ था। एस्टोनिया में भी ऐसी कोशिश समय रहते पकड़ ली गई। वहीं, आयरलैंड, बेल्जियम और लक्जमबर्ग में सुपरमार्केट की शीतलन व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें सामने आई थीं।
इन घटनाओं से जरूरी सुविधाओं पर साइबर हमलों का खतरा उजागर हुआ है।