फ्रांस में सुपरमार्केट के फ्रिज पर साइबर हमला, 50 डिग्री तक पहुंचा तापमान
क्या है खबर?
फ्रांस से साइबर हमले का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां हैकर्स ने सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हमला किया। इस हमले के कारण कई सुपरमार्केट में लगे फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे खाने-पीने की चीजें खराब हो गईं और दुकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कैरेफोर, मोनोप्रिक्स और इंटरमार्चे जैसे बड़े खुदरा समूह प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हमला
हैकर्स ने कैसे किया सिस्टम पर हमला?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हैकर्स ने सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को नियंत्रित करने वाले सॉफ्टवेयर की कमजोरी का फायदा उठाया।
इन सिस्टम की मदद से एक ही जगह से कई फ्रिज और फ्रीजर का तापमान नियंत्रित किया जाता है। रखरखाव करने वाली कंपनियां भी इंटरनेट के जरिए इन्हें दूर से चला सकती हैं।
जांच में डेनमार्क की कंपनी डैनफॉस के पुराने सॉफ्टवेयर में कमजोरी की आशंका सामने आई है। हालांकि, हमले का पूरा तरीका अभी स्पष्ट नहीं है।
नुकसान
कैरेफोर समेत कई कंपनियों को हुआ नुकसान
इस हमले से कैरेफोर के 80 सुपरमार्केट प्रभावित हुए, जबकि मोनोप्रिक्स ने अपने करीब 5 प्रतिशत स्टोर पर असर पड़ने की जानकारी दी।
इंटरमार्चे के मालिक समूह के अनुसार, उसके लगभग 150 स्टोर में रेफ्रिजरेशन इकाइयों का तापमान 6 घंटे तक 50 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। खाने की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खराब सामान फेंकना पड़ा।
कुछ लोग पिघले हुए जमे खाद्य पदार्थों को कचरे में डालते दिखे। कुल आर्थिक नुकसान का आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
खतरा
फ्रांस के साथ दूसरे देशों में भी जांच और खतरे की आशंका
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
साइबर सुरक्षा विश्लेषक के मुताबिक, स्पेन, पुर्तगाल, पोलैंड, जर्मनी और बेल्जियम में भी असर की जानकारी मिली है। अधिकारी दूसरे देशों के साथ मिलकर हमले का दायरा पता कर रहे हैं। इंजीनियरिंग कंपनी डैनफॉस ने पुराने सिस्टम को अपडेट करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों को चिंता है कि ऐसी कमजोरियों से खाद्य आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।