अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले चुनाव आयोग की वेबसाइट पर साइबर हमला, ऑनलाइन सेवा ठप
क्या है खबर?
अमेरिका में हैकर्स ने फेडरल इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट को निशाना बनाया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस साइबर हमले से मध्यावधि चुनाव से एक हफ्ते पहले आयोग की ऑनलाइन रिपोर्ट जमा करने वाली सेवा बंद हो गई। आयोग ने बताया कि उसकी तकनीकी टीम सिस्टम को ठीक करने में जुटी है। हालांकि, वेबसाइट पर पहले जमा की गई चुनावी खर्च की रिपोर्ट अब भी देखी जा सकती हैं।
असर
चुनावी खर्च की जानकारी पर पड़ेगा असर
फेडरल इलेक्शन कमीशन राजनीतिक उम्मीदवारों और समितियों के खर्च का हिसाब रखता है।
वेबसाइट की सेवा बंद होने से संगठन जरूरी 24 घंटे और 48 घंटे वाली खर्च रिपोर्ट जमा नहीं कर पा रहे हैं। इन रिपोर्टों से पता चलता है कि राजनीतिक समूह किसी चुनावी क्षेत्र में कितना पैसा खर्च कर रहे हैं।
चुनावी खर्च पर नजर रखने वाली संस्था के प्रमुख स्टीवन मेले ने कहा कि उन्होंने अपने 26 साल के अनुभव में ऐसा पहली बार देखा है।
वोट
वोट डालने की प्रक्रिया पर असर नहीं
आयोग ने साफ किया कि उसका अमेरिकी चुनाव कराने या वोटिंग की प्रक्रिया से सीधा संबंध नहीं है।
इसलिए वेबसाइट बंद होने से मतदाताओं के वोट डालने की क्षमता पर असर नहीं पड़ना चाहिए। आयोग के मुताबिक, सोमवार रात करीब 10:00 बजे से उसकी रिपोर्ट जमा करने वाली सेवा बंद थी।
एक अधिकारी ने कई चुनावी टीमों को ईमेल भेजकर बताया कि सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश के कारण वेबसाइट की सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी।
खर्च
चुनावी विज्ञापनों पर रिकॉर्ड खर्च
विज्ञापन पर नजर रखने वाली संस्था एडइम्पैक्ट के अनुसार, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव अब तक का सबसे महंगा चुनाव बन गया है।
विज्ञापनों और भविष्य के लिए तय खर्च को मिलाकर करीब 11.21 अरब डॉलर (लगभग 1,100 अरब रुपये) खर्च हो चुके हैं। यह 2024 के चुनाव में हुए 11.2 अरब डॉलर के खर्च से थोडा ज्यादा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले हफ्ते राजनीतिक समूहों ने रोजाना औसतन 5 करोड़ डॉलर से ज्यादा खर्च किए।