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अमेरिका में फैल रहा कोरोना वायरस का नया वेरिएंट BA.3.2 कितना घातक है?
अमेरिका में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट BA.3.2 फैल रहा है

अमेरिका में फैल रहा कोरोना वायरस का नया वेरिएंट BA.3.2 कितना घातक है?

लेखन आबिद खान
Mar 26, 2026
06:22 pm

क्या है खबर?

अमेरिका में कोरोना वायरस का एक नया वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैल रहा है, जिसने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका से आया यह वेरिएंट धीरे-धीरे पूरे अमेरिका में फैल रहा है और 22 अन्य देशों में भी पाया गया है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इसमें सभी प्रतिरक्षा प्रणालियों को चकमा देने की क्षमता है। आइए वेरिएंट के बारे में जानते हैं।

उत्पत्ति

BA.3.2 वेरिएंट के बारे में क्या पता है?

BA.3.2 सबसे पहले नवंबर, 2024 में दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। 2025 में यह तेजी से फैलना शुरू हुआ। शोधकर्ताओं ने इस वेरिएंट को 'सिकाडा' नाम दिया है। माना जाता है कि यह वेरिएंट सक्रिय होने से पहले लंबे समय तक निष्क्रिय अवस्था में था। यह कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का ही एक उपप्रकार है। यह BA.3 लीनिएज के पुराने संस्करण से आया है, जो 2022 की शुरुआत तक लोगों के बीच नहीं फैला था।

अमेरिका

अमेरिका में किस तरह फैला वेरिएंट?

CDC के अनुसार, 11 फरवरी तक BA.3.2 वेरिएंट 23 देशों में पाया गया है। अमेरिका में इसका पहला मामला जून, 2025 में नीदरलैंड से आए एक यात्री में सामने आया था। इसके बाद कैलिफोर्निया, कनेक्टिकट, फ्लोरिडा, हवाई, इडाहो, इलिनोइस, मेन, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, मिसौरी, न्यू हैम्पशायर, न्यू जर्सी, नेवादा, न्यूयॉर्क, पेंसिल्वेनिया, रोड आइलैंड, साउथ कैरोलिना, टेक्सास, यूटा, वर्मोंट, वर्जीनिया, व्योमिंग, लुइसियाना, मिशिगन और ओहियो में भी इसके मामले सामने आए हैं।

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जानकारी

पिछले साल यूरोप में अचानक बढ़े थे मामले

सितंबर, 2025 में यूरोप में BA.3.2 के मामले अचानक बढ़े थे। तब डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड में 30 प्रतिशत मामले इसी स्ट्रेन के थे। CDC के मुताबिक, 3 जहाज और 20 राज्यों में लिए गए अपशिष्ट जल के नमूनों में भी इसका पता चला है।

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खतरा

कितना खतरनाक है ये वेरिएंट?

इस वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में लगभग 75 म्यूटेशन हुए हैं। इस वजह से इसे ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इतने म्यूटेशन के चलते स्पाइक प्रोटीन को पहचानने और उससे लड़ने में वैक्सीन की क्षमता कमजोर हो सकती है। CDC का कहना है कि इससे संक्रमणों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, लेकिन जरूरी नहीं कि मरीजों में गंभीर लक्षण देखने को मिलें।

लक्षण

वेरिएंट से संक्रमित लोगों में कौन-कौनसे लक्षण देखे गए हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस के अन्य वेरिएंट की तरह ही गले में खराश इस वेरिएंट का भी एक आम लक्षण हो सकता है। इसके अलावा नाक बंद होना या बहना, लगातार खांसी, बुखार या ठंड लगना, स्वाद या गंध का एहसास न होना, थकान, मांसपेशियों या बदन में दर्द, सिरदर्द, मतली या उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ जैसे अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं।

विशेषज्ञ

क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

अमेरिका के नेशनल फाउंडेशन फॉर इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक रॉबर्ट एच. हॉपकिंस जूनियर ने फर्स्टपोस्ट से कहा, "म्यूटेशन की संख्या को देखते हुए मौजूदा टीकों का इस वेरिएंट के खिलाफ उतना प्रभावी होना कम संभव है। हालांकि, इसका बेहतर जवाब पाने के लिए हमें और अधिक डेटा की जरूरत है।" डॉक्टर हॉपकिंस का मानना ​​है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि BA.3.2 वर्तमान में मौजूद अन्य वेरिएंट की तुलना में ज्यादा हानिकारक साबित हो रहा है।

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