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नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा, 3 लोगों की मौत के बाद 6 शहरों में कर्फ्यू
नेपाल के कई शहर सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में है

नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा, 3 लोगों की मौत के बाद 6 शहरों में कर्फ्यू

लेखन आबिद खान
Jul 30, 2026
07:31 pm

क्या है खबर?

नेपाल के दक्षिणी हिस्से में भड़की सांप्रदायिक हिंसा धीरे-धीरे फैलती जा रही है। 26 जुलाई को सुनसरी जिले के कप्तानगंज में 2 समुदायों के बीच भड़की हिंसा ने कम से कम 6 शहरों को चपेट में ले लिया है। 3 युवकों की मौत के बाद हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि कई शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सेना को भी तैनात किया गया है।

शुरुआत

कैसे हुई हिंसा की शुरुआत?

रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के सुनसरी जिले में 26 जुलाई की रात कांवड़ यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान पथराव हुआ और धीरे-धीरे विवाद ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया।

हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान दूसरे समुदाय का झंडा हटाने को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई।

हिंसा

अब तक 3 की मौत

हिंसा में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। इनमें प्रदर्शनकारी, नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

कई स्थानों पर दर्जनों वाहनों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कम से कम 2 लोगों की मौत गोली लगने से हुई है। हालांकि, ये पता नहीं है कि ये गोली पुलिस ने चलाई थी या नहीं।

वहीं, एक इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।

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अपील

राष्ट्रपति ने की शांति की अपील

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए लोगों से सामाजिक, धार्मिक और जातीय सौहार्द, सहिष्णुता, आपसी मेल-मिलाप, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने की अपील की है।

वहीं, प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें समग्र सुरक्षा स्थिति और हिंसा पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री सुदान गुरुंग को हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने को कहा है।

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भारत

भारत भी अलर्ट पर

नेपाल के जिस हिस्से में हिंसा हो रही है, वो भारत के बिहार से लगा है। इसे देखते हुए भारत भी हाई अलर्ट पर है।

जोगबनी मुख्य सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां बिना पहचान पत्र के भारत से किसी को भी नेपाल में प्रवेश नहीं करने दे रही हैं। स्थिति को देखते हुए दोनों देशों ने सीमा पर चौकसी बढ़ाई है।

नेपाल का मानना है कि भारत के रास्ते धार्मिक संगठन के नाम पर कुछ समूह नेपाल में घुस सकते हैं।

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