चीन ने गलवान संघर्ष का नेतृत्व करने वाले जनरल को शीर्ष राजनीतिक सलाहकार निकाय से हटाया
क्या है खबर?
चीन ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पश्चिमी कमान के पूर्व कमांडर जनरल झाओ जोंगकी को देश के शीर्ष राजनीतिक सलाहकार निकाय से हटा दिया है। झाओ ने 2017 के डोकलाम गतिरोध और 2020 में भारत के साथ गलवान घाटी संघर्ष के दौरान PLA के पश्चिमी मोर्चे की कमान संभाली थी। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिंहुआ के अनुसार, झाओ को चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (CPPCC) की सदस्यता से हटा दिया गया है।
रिपोर्ट
कार्रवाई की वजह स्पष्ट नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, झाओ को 26 अगस्त को CPPCC की सदस्यता से बेदखल किया गया। साथ ही उन्हें 2 अन्य पदों से भी हटाया गया है। चीन ने उनकी बर्खास्तगी का कारण नहीं बताया है और न ही उनके खिलाफ जांच की घोषणा की है।
रॉयटर्स के अनुसार, शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन ने 2 अन्य वरिष्ठ जनरलों- झांग यूक्सिया और लियू जेनली को भी 'कानून के गंभीर उल्लंघन' के आरोपों के बाद केंद्रीय सैन्य आयोग से हटाया है।
कार्यकाल
गलवान और डोकलाम संघर्ष के दौरान कमान संभाल रहे थे झाओ
फरवरी 2016 में झाओ चीन के पुनर्गठित पश्चिमी कमान के पहले कमांडर बने थे। 2017 में डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के समय वे ही कमान संभाल रहे थे। ये झड़प 72 दिनों तक चली थी।
मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव बढ़ने के समय भी झाओ कमांडर थे। इसी दौरान 15 जून को गलवान घाटी संघर्ष हुआ, जब भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की लड़ाई हुई।