बांग्लादेश में BNP सांसदों ने संविधान सुधार की शपथ लेने से इनकार किया, जमात की धमकी
क्या है खबर?
बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के बाद मंगलवार को जातीय संसद भवन में सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह चल रहा है, जिसमें ताजा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, चुनाव में जीत दर्ज करने वाली तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सांसदों ने पद की शपथ ले ली है, लेकिन जनमत संग्रह वाले संविधान सुधार से संबंधित शपथ नहीं ली है। इसको लेकर कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने विरोध प्रदर्शन और सड़क पर उतरने की धमकी दी है।
शपथ
BNP सांसदों ने क्यों नहीं ली संविधान सुधार की शपथ
BNP के सांसदों द्वारा संविधान सुधार परिषद के सदस्यों के रूप में भी शपथ न लेने पर BNP नेता सलाउद्दीन अहमद ने कहा कि तारिक के निर्देशों के बाद, सभी निर्वाचित BNP सांसदों को संविधान सुधार परिषद के फॉर्म पर हस्ताक्षर न करने को कहा गया है, क्योंकि वे परिषद के सदस्य के रूप में निर्वाचित नहीं हुए हैं। सलाउद्दीन ने कहा कि 'संविधान सुधार परिषद' संविधान में शामिल नहीं है। परिषद को पहले संविधान में शामिल किया जाना चाहिए।
विरोध
BNP के फैसले पर जमात और NCP का विरोध
BNP नेता सलाउद्दीन ने यह भी कहा कि सांसदों को चुनाव आयुक्त शपथ दिला रहे हैं, लेकिन संविधान सुधार परिषद के सदस्यों को शपथ कौन दिलाएगा, यह अभी तक सामने नहीं आया है। जमात-ए-इस्लामी के नायब-ए-अमीर सैयद अब्दुल्ला मुहम्मद ताहिर ने कहा कि अगर BNP के सांसद संविधान सुधार की शपथ नहीं लेंगे तो जमानत के उम्मीदवार भी कोई शपथ नहीं लेंगे। जमात की सहयोगी राष्ट्रीय नागरिक पार्टी (NCP) ने भी BNP के रुख का विरोध किया है।
संशोधन
क्या है संविधान सुधार परिषद?
बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव के साथ जनमत संग्रह भी हुआ था, जिसमें लोगों ने संविधान सुधार के लिए 62 प्रतिशत लोगों ने संशोधनों के पक्ष में अपना वोट दिया है। यह संशोधन जुलाई 2024 में हुए आंदोलन के बाद 'जुलाई चार्टर' के रूप में सामने आया था, जिसमें प्रधानमंत्री की शक्तियां कमजोर की गई हैं और एक उच्च सदन बनाने की बात है। परिषद सदस्य गठित होने के बाद 180 दिन में संविधान बदला जाएगा।