
बगदादी को मारने से पहले उसके अंडरवियर से किया गया था DNA टेस्ट- रिपोर्ट
क्या है खबर?
अमेरिकी सेना ने रविवार को खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) के सरगना अबु बकर अल-बगदादी को एक सैन्य ऑपरेशन में मार गिराया।
इस ऑपरेशन में सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स (SDF) ने अमेरिकी सेना की मदद की थी।
SDF के एक सलाहकार ने बताया कि इस अभियान से पहले बगदादी के अंडरवियर बरामद कर DNA टेस्ट किया गया था।
इस टेस्ट से यह पता लगाया गया कि यह बगदादी ही है। उसके बाद उसे मारने का अभियान शुरू हुआ।
ऑपरेशन
SDF के खुफिया सूत्र लेकर आए थे बगदादी का अंडरवियर
कुर्दों के नेतृत्व वाली SDF के वरिष्ठ सलाहकार पोलेट कैन ने बताया कि SDF के खुफिया तंत्र की वजह से बगदादी के ठिकाने का पता चला था।
उन्होंने कहा, "हमारे सूत्र, जिनकी पहुंच अल-बगदादी तक थी, वो बगदादी का अंडरवियर लेकर आए। इसका DNA टेस्ट किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निशाने पर जो आदमी है, वह खुद बगदादी ही हो।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि कुर्दों की दी जानकारी उनके काफी काम आई।
तलाश
CIA के साथ मिलकर काम कर रही थी SDF
कैन ने कहा कि SDF 15 मई से अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के साथ मिलकर बगदादी का पता लगाने में जुटी हुई थी।
SDF ने यह सूचना दी थी कि वह डेयर अल-जोर से भागकर पूर्वी सीरियाई शहर इदलिब आया है, जहां उसे मार गिराया गया।
उन्होंने बताया कि बगदादी इदलिब से भागकर जेराब्लूस जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही उसे घेर लिया।
कैन ने कहा कि उनके खुफिया तंत्र की अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ऑपरेशन कायला म्यूलर
अमेरिकी सेना की स्पेशल टीम ने दिया ऑपरेशन को अंजाम
बगदादी को मारने के ऑपरेशन को कायला म्यूलर नाम दिया गया था। कायला म्यूलर अमेरिकी वॉलेंटियर थीं, जिसका बगदादी ने अपहरण कर लिया था।
कायला को मारने के से पहले उसके साथ कई बार रेप किया गया था। शनिवार शाम को शुरू हुए इस ऑपरेशन को अमेरिकी सेना की स्पेशल फोर्स डेल्टा टीम ने अंजाम दिया था।
इस पूरे ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया गया, उसकी पूरी जानकारी आप यहां क्लिक कर ले सकते हैं।
अल-बगदादी
बचपन से लेकर मौत तक बगदादी के सफर पर एक नजर
इराक में जन्मा बगदादी एक ऐसे परिवार से आता है जिसे उसकी धार्मिकता के लिए जाना जाता था।
वहीं जिस समुदाय में उसका जन्म हुआ, वो पैगंबर मोहम्मद के वंशज होने का दावा करता है।
बगदादी को बचपन से ही कुरान और इस्लामिक शिक्षा में दिलचस्पी थी।
इसे बरकार रखते हुए पहले उसने इस्लामिक शिक्षा से ग्रैजुएशन की और फिर कुरान संबंधी पढ़ाई में मास्टर्स और PhD की।
2004 तक वह एक मस्जिद में बच्चों का कुरान पढ़ाता था।
जेल
2004 में 10 महीने जेल में रहा बगदादी
इस बीच 2003 में अमेरिका इराक पर हमला कर चुका था और परिस्थितियां बदलने लगी थीं।
इस दौरान बगदादी ने एक विद्रोही संगठन के गठन में मदद की और फरवरी 2004 में अमेरिकी सेना ने उसे फल्लुजाह में गिरफ्तार किया।
जेल के अंदर उसने अपनी काबिलियत से विरोधी समूहों, सद्दाम हुसैन के वफादार और जिहादी, के सदस्यों से अच्छी जान-पहचान कर ली।
10 महीने जेल में रहने के बाद वह दिसंबर 2004 में जेल से बाहर आया।
ISI
जेल से बाहर आने के बाद AQI सरगना जरकावी से मिला बगदादी
जेल से बाहर आने के बाद बगदादी ने अबु मुसाब अल-जरकावी के नेतृत्व वाले अलकायदा इन इराक (AQI) से संपर्क साधा। जरकावी बगदादी से बेहद प्रभावित हुआ।
इस बीच 2006 में अमेरिका की एयर स्ट्राइक में जरकावी मारा गया और 2007 में AQI को भंग करके इस्लामिक स्टेट इन इराक (ISI) बनाया गया।
अपनी धार्मिक शिक्षा और अलग-अलग समूहों को साथ लेकर चलने की क्षमता के दम पर बगदादी 2010 में ISI का प्रमुख बन गया।
ISI
सीरिया में गृह युद्ध के बीच पैर पसारने लगा ISI
इस बीच 2011 में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए और देश गृह युद्ध में घिर गया।
बगदादी को इसमें अपने संगठन के विस्तार का एक बड़ा मौका दिखा और उसने धीरे-धीरे सीरिया में भी अपने पैर पसारना शुरू कर दिया।
2013 में उसने अपने संगठन का नाम बदल कर इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (ISIS) रख लिया और अपने साथियों को विस्तार का आदेश दिया।
IS
2014 में बगदादी ने खुद को घोषित किया खलीफा
जून, 2014 में ISIS ने इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल पर कब्जा कर लिया।
संगठन ने अपना नाम बदल कर इस्लामिक स्टेट (IS) रख लिया और इराक और सीरिया के हिस्सों को मिलाकर इसे खिलाफत घोषित कर दिया गया।
कुछ दिन बाद बगदादी ने मोसुल की प्रसिद्ध मस्जिद से उपदेश देते हुए खुद को खलीफा घोषित कर दिया।
इस दौरान ISIS की हैवानियत के कई वीडियो सामने आए।