LOADING...
तेहरान में हुई अम्लीय बारिश? जानिए तेल डिपों पर इजारयली हमलों से कैसे मची तबाही
इजरायल के हमलों के बाद अंधेरे में डूबा तेहरान

तेहरान में हुई अम्लीय बारिश? जानिए तेल डिपों पर इजारयली हमलों से कैसे मची तबाही

Mar 09, 2026
02:59 pm

क्या है खबर?

इजरायल और अमेरिका के संयुक्त रूप से ईरान पर हमला करने के बाद मध्य-पूर्व में भड़के तनाव का सोमवार को 10वां दिन है। यह जंग कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। शनिवार देर रात इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान और आसपास के 4 प्रमुख तेल डिपो और रिफाइनरियों को निशाना बनाया। इसके बाद कई जगहों पर भीषण आग लग गई और वहां से उठे घने काले धुएं ने बादलों में मिलकर 'अम्लीय बारिश' का रूप ले लिया।

निशाना

इजरायल ने इन तेल डिपों को बनाया निशाना

इजरायल की सेना ने शनिवार रात को तेहरान और अल्बोर्ज प्रांतों में स्थित तेल भंडारण डिपो को निशाना बनाया। पूर्वोत्तर तेहरान में स्थित अघदासीह तेल गोदाम, दक्षिण में तेहरान रिफाइनरी, पश्चिम में स्थित शाहरान तेल डिपो और कराज शहर में स्थित एक तेल डिपो को भी निशाना बनाया। इजरायली सुरक्षा बल (IDF) ने कहा कि ईरानी शासन की सेना सैन्य बुनियादी ढांचे के संचालन के लिए इन तेल डिपों का इस्तेमाल करती हैं। ऐसे में इन्हें निशाना बनाया गया है।

परिणाम

हमलों के बाद अंधेरे में डूबा तेहरान

रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के इन हमलों से तेज डिपों में आग लग गई। राजधानी के कई स्थानों से आग की लपटें उठती दिखाई दीं और रविवार की सुबह एक करोड़ की आबादी वाले शहर के बड़े हिस्से में काले धुएं के घने गुबार छा गए थे। हवा में जलने की गंध आ रही थी। सूरज दिखाई नहीं दे रहा था। चारों ओर भयानक काला धुआं छा गया। इससे लोगों को मजबूरन घरों में बंद होना पड़ा।

Advertisement

ट्विटर पोस्ट

यहां देखें वीडियो

Advertisement

असर

धुएं के चलते हुई अम्लीय बारिश

हमलों के कारण लगी आग घंटों तक जलती रही, जिससे काले धुएं के बड़े-बड़े गुबार हवा में फैल गए। बाद में इस धुएं और राख ने घने बादल बना लिए, जिससे अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश की बूंदों में कालिख और केमिकल के कण नजर आए। इससे लोग अम्लीय बारिश कह रहे हैं। हालांकि, यह बारिश परमाणु रेडिएशन से जुड़ी नहीं है, लेकिन इसमें धुआं, राख और केमिकल कण हो सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं।

प्रतिक्रिया

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई मौके की हालत

एक महिला ने द गार्जियन से कहा, "हालात इतने भयावह हैं कि उनका वर्णन करना मुश्किल है। पूरे शहर में धुआं छाया है। मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आंखों में जलन हो रही है। कई अन्य लोगों को भी यही महसूस हो रहा है। लोगों को बाहर जाना ही पड़ रहा है क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं है। आज कई जगहें खुलीं, लेकिन बाहर रहना असंभव होने के कारण फिर से बंद हो गईं।"

चेतावनी

लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह

ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि इस तरह की बारिश में जहरीले हाइड्रोकार्बन यौगिकों और सल्फर नाइट्रोजन ऑक्साइड भी हो सकते हैं। ये पदार्थ अम्लीय वर्षा का कारण बन सकते हैं और सांस लेने में कठिनाई और त्वचा में जलन सहित स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकते हैं। फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश के संपर्क से बचें, खुले हिस्सों को गीले कपड़े ढंके और धुआं कम होने तक घरों में ही रहें।

ट्विटर पोस्ट

यहां देखें तेहरान में छाया अंधेरा

प्रभाव

ईरान के तेल डिपो पर हमलों का प्रभाव

ईरान पर इजरायल के हमलों का वैश्विक तेल कीमतों पर काफी असर पड़ सकता है, जो पहले ही 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। सोमवार की सुबह, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड के एक बैरल की कीमत 114 डॉलर से ऊपर पहुंच गई। यह कीमत शुक्रवार की 92.69 डॉलर प्रति बैरल से लगभगत 23 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन हमलों के परिणामस्वरूप ईरानियों को और भी गंभीर और तत्काल परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

संकट

अयातुल्ला की हत्या के बाद मध्य-पूर्व में फैला तनाव

अमेरिका-इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए संयुक्त हमलों के बाद मध्य पूर्व में गहरा संकट पैदा हो गया है, जिसमें 86 वर्षीय आयतुल्ला खामेनेई और अन्य शीर्ष ईरानी नेता मारे गए। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। इस संघर्ष में ईरान में 1,350 से अधिक और इजरायल में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसी तरह 7 अमेरिकी सैनिक भी शहीद हुए हैं।

Advertisement