
रिश्वत नहीं मिली तो जन्म प्रमाण-पत्र में अधिकारियों ने बच्चों की उम्र कर दी 100 साल
क्या है खबर?
यह धारणा बिल्कुल सही है कि कई सरकारी अधिकारी बिना रिश्वत लिए काम ही नहीं करते हैं।
ऐसा लगता है जैसे बिना रिश्वत लिए उनका शरीर काम करने को राजी ही नहीं होता।
इस वजह से कई बार आपने लोगों को घूस में पैसे देते हुए देखा भी होगा। हालांकि हर कोई अधिकारियों को रिश्वत नहीं देता, जिसके चलते अधिकारी गुस्से में आकर कुछ भी कर सकते हैं जैसे दो बच्चों की उम्र 100 साल तक बढ़ा सकते हैं।
मामला
रिश्वत न मिलने पर बौखलाए दो अधिकारी
यह मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का है, जहां दो अधिकारियों को रिश्वत नहीं मिली तो उन्होंने दो बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र पर उनकी उम्र 100 साल तक बढ़ा दी।
बता दें कि अधिकारियों ने जन्म प्रमाण पत्र में चार साल के बच्चे शुभ की उम्र 104 साल और उसके छोटे भाई संकेत की उम्र दो साल के बजाय 102 साल दर्ज की हुई थी।
यह कारगुजारी देख परेशान अभिभावक कार्रवाई के लिए अदालत पहुंचे।
मुकदमा
दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने इस मामले के आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिया है।
बता दें कि ग्राम विकास अधिकारी सुशील चंद्र अग्निहोत्री और ग्राम प्रधान प्रवीण मिश्र ने आवेदक से प्रति जन्म प्रमाण पत्र के लिए 500 रुपये रिश्वत मांगी की थी।
मगर, बच्चों के चाचा पवन ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया था, इसलिए दोनों अधिकारियों ने मिलकर जन्म प्रमाण पत्र में गड़बड़ी की।
करतूत
आरोपियों ने इस प्रकार की बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र में गड़बड़ी
वादी पक्ष के अधिवक्ता राजीव सक्सेना ने बताया कि अधिकारियों ने दोनों बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र तो बनाया, लेकिन उन्होंने शुभ की जन्मतिथि 13 जून, 2016 के स्थान पर 13 जून 1916 लिखी थी। वहीं, संकेत की जन्म तिथि 6 जनवरी, 2018 की जगह 6 जनवरी 1918 दर्ज की हुई थी।
अधिवक्ता ने आगे बताया कि जिला प्रशासन से कोई सुनवाई न होने पर परिवार ने उनके माध्यम से बरेली की विशेष अदालत में अर्जी लगाई हुई है।
फैसला
विशेष अदालत में होगी इस मामले की सुनवाई
फिलहाल, इस मामले की सुनवाई के लिए भ्रष्टाचार रोधी विशेष अदालत के न्यायधीश मुहम्मद अहमद खां ने 17 जनवरी को शाहजहांपुर के खुटार थाना पुलिस को आरोपित VDO और ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज करके मामले की तफ्तीश किए जाने के आदेश दिए हैं।
खुटार थाना प्रभारी तेजपाल सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के लिए उन्हेें मंगलवार को ही आदेश दे दिए गए है और इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।