कबाड़ी बाजार से खरीदी हुई ओलंपिक की दुर्लभ मशाल की हुई नीलामी, एक करोड़ लगी कीमत
क्या है खबर?
कई बार हम सस्ते में जिन चीजों को खरीद लेते हैं, उनकी असल कीमत करोड़ों में हो सकती है। ऐसा ही कुछ स्वीडन की एक महिला के साथ हुआ, जिनके हाथ कबाड़ी बाजार में खजाना लग गया। उन्होंने इस बाजार से एक मशाल खरीदी थी, जो 1956 के ओलंपिक की एक बेहद दुर्लभ मशाल निकली। उन्होंने इसे नीलाम किया, जिसमें इसकी कीमत 1.31 करोड़ रुपये से भी ज्यादा लगी। आइए इस मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नीलामी
सस्ते में खरीदी थी यह दुर्लभ मशाल
इस महिला ने एक दिन कबाड़ी बाजार में घूमते हुए बिना सोचे सस्ते दाम पर मशाल को खरीद लिया था। हालांकि, उन्हें बाद में पता चला कि यह कितनी कीमती है।
41 सेंटीमीटर लंबी एल्युमीनियम से बनी इस मशाल का वजन लगभग आधा किलोग्राम है। यह उन मशालों के 10 से भी कम नमूनों में से एक है, जो आज भी मौजूद हैं।
1956 के ओलंपिक खेलों की घुड़सवारी प्रतियोगिताओं के लिए इसे डिजाइन किया गया था।
मशाल
खेलों के समय नहीं हुआ इसका इस्तेमाल
हालांकि, इस दुर्लभ मशाल को कभी इस्तेमाल ही नहीं किया गया था। इसके चलते ही इसे बाद में एक दीवार वाली मशाल में बदल दिया गया था और यह ऐसे बाजार में जा पहुंची थी।
नीलामीघर ने पहले इसकी कीमत का अंदाजा कम आंका था। उन्हें उम्मीद थी कि यह मशाल 2 लाख रुपये तक बिकेगी। हालांकि, उस वक्त सभी के होश उड़ गए, जब इसकी कीमत एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा लगी।
बिक्री
बिक्री ने तोड़े पिछले रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया के घोड़ों से जुड़े सख्त क्वारंटीन नियमों की वजह से घुड़सवारी प्रतियोगिताएं मेलबर्न खेलों से अलग आयोजित की गई थीं। इन्हीं प्रतियोगिताओं के लिए इस खास मशाल को तैयार किया गया था।
इस बिक्री ने नीलामी घर के में बिकने वाली सभी अन्य वस्तुओं से ज्यादा कमाई करके एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। इससे साबित होता है कि जिन चीजों को हम आम समझते हैं, वो कभी-कभी हमारी उम्मीद से ज्यादा खास निकल सकती हैं।